Mukesh Ambani Home Office In Singapore:एशिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries) के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani)अब सिंगापुर में फैमिली ऑफिस (Family Office) खोलने जा रहे हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार अंबानी ने इसके लिए कर्मचारियों की भर्तियां भी शुरू कर दी है और इसके देखरेख के लिए मैनेजर भी रख लिया है। इसके अलावा सिंगापुर में फैमिली ऑफिस किस जगह खोला जाएगा, उसके लिए प्रॉपर्टी भी भी चुन ली गई है। ऐसा नही है कि मुकेश अंबानी भारत के कोई पहले अमीर हैं, जिन्होंने अपना फैमिली ऑफिस विदेश में खोला है। इस लिस्ट में कई सुपर रिच के नाम शामिल हैं।
अंबानी अकेले नहीं
अगर भारत से बाहर फैमिली ऑफिस खोलने की बात है तो इस लिस्ट में मुकेश अंबानी के अलावा, भारतीय क्रिप्टो करंसी एक्सचेंज WazirX के फाउंडर्स निश्चल शेट्टी और सिद्धार्थ मेनन, ग्रेफाइट इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन और बांगर फैमिली के कृष्ण कुमार बांगर जैसे लोग भी शामिल है। एक तरफ मुकेश अंबानी सिंगापुर में फैमिली ऑफिस खोल रहे हैं, दूसरी तरफ के कृष्ण कुमार बांगर भी सिंगापुर में शिफ्ट हो गए हैं। ऐसे ही निश्चल शेट्टी और सिद्धार्थ मेनन दुबई शिफ्ट हो गए हैं। वहीं दुनिया के दूसरे अरपबतियों की बात की जाय तो अरबपति रे डालियो (Ray Dalio) और गूगल के को-फाउंडर (Sergey Brin) ने भी सिंगापुर में अपना फैमिली ऑफिस खोला है।
अंबानी की क्या है प्लानिंग
मुकेश अंबानी अपने रिटेल , टेलिक्मयुनिकेशंस से लेकर रिफाइनिंग सेक्टर तक में फैले कारोबार का विस्तार अब दुनिया के दूसरे देशों में करना चाहते है। और इसके लिए वह भारत से बाहर भी संपत्तियों का भी अधिग्रहण कर रहे हैं। सिंगापुर में होम ऑफिस सेटअप करने को इसी योजना का हिस्सा बना जा रहा है। इसके पहले साल 2021 में रिलायंस के बोर्ड में अरामको के चेयरमैन को शामिल किए जाने के कदम को अंबानी ने अपने बिजनेस अंतरराष्ट्रीयकरण (इंटरनेशनलाइजेशन) करार दिया था।
सिंगापुर क्यों बन रहा है पसंद
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट बताती है कि मनी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर के अनुसार टैक्स की कम दर और बेहतर सुरक्षा उपायों की वजह से सिंगापुर फैमिली ऑफिस के लिए पसंदीदा जगह बनता जा रहा है। और 2021 तक दुनिया के करीब 700 सुपररिच वहां बसे हैं। हालांकि लगातार बढ़ती अमीरों की संख्या को देखते हुए, वहां परेशानी भी बढ़ रही है। शहर में कार, हाउसिंग और अन्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी आई है। इसे देखते हुए उप प्रधानमंत्री लॉरेंस वॉन्ग ने अगस्त में एक इंटरव्यू में इस बात का संकेत दिया था कि सुपररिच पर ज्यादा टैक्स लगाया जा सकता है।
