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Stock Market Today: FII ने तोड़ रखी है घरेलू निवेशकों की कमर, पर क्यों जा रहे भारत छोड़कर? ''10% प्रॉफिट = 4% रिटर्न'' है असली वजह

Why FII are Selling: विदेशी संस्थागत निवेशकों (Foreign Institutional Investors) या एफआईआई (FII) द्वारा लगातार बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट जारी है। FII की तरफ से हो रही बिकवाली खामियाजा भारतीय घरेलू निवेशक भुगत रहे हैं।

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FII और FPI की बिकवाली जारी

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • FII और FPI की बिकवाली जारी
  • इसीलिए गिर रही मार्केट
  • घरेलू निवेशक हैं परेशान

Why FII are Selling: विदेशी संस्थागत निवेशकों (Foreign Institutional Investors) या एफआईआई (FII) द्वारा लगातार बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट जारी है। FII की तरफ से हो रही बिकवाली खामियाजा भारतीय घरेलू निवेशक भुगत रहे हैं। बाजार में इस गिरावट के बीच, सवाल ये उठ रहा है कि आखिर FII इतनी बिकवाली कर क्यों रहे हैं? एक मार्केट एक्सपर्ट ने इसके पीछे का पूरा गणित समझाया है।

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FII में क्यों मची है भगदड़

सना सिक्योरिटी के रजत शर्मा ने बताया है कि कैसे करेंसी में उतार-चढ़ाव और टैक्स के कारण एफआईआई के लिए रिटर्न में काफी कमी आती है, जिससे भारतीय बाजार कम आकर्षक हो जाते हैं। करेंसी कंवर्जन और लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स के प्रभाव को समझाते हुए शर्मा ने कहा, "एफआईआई भारत में निवेश क्यों नहीं कर रहे हैं?"

"कल्पना कीजिए कि आप 1 अमेरिकी डॉलर को 84 डॉलर प्रति डॉलर की दर से रुपए में बदलकर निवेश करते हैं और 10% लाभ कमाते हैं। आपका निवेश बढ़कर 92.4 रुपए हो जाता है। आप इसे बेचकर वापस ले लेते हैं। आप LTCG = 1.05 रुपए देना होगा। फिर आपको = 91.35 रुपए मिलते हैं। आप रुपए के मुकाबले 88 डॉलर के ट्रेड पर इसे वापस कंवर्ट करते हैं। आपको = 1.04 डॉलर मिलते हैं।

मूल रूप से, 10% लाभ = 4% रिटर्न होगा!!"

भारत से निकल रहे

शर्मा का यह बयान इस बात को लेकर बढ़ती चिंता के बीच आया है कि क्यों एफआईआई सतर्क हैं और भारत में अपने निवेश में कटौती कर रहे हैं। शर्मा ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए ये सारा गणित समझाने की कोशिश की है।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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