Who Is Neville Roy Singham: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ऑनलाइन न्यूज पोर्टल ‘न्यूजक्लिक’ से जुड़े मनी लांड्रिंग के एक मामले की जांच के सिलसिले में अमेरिकी अरबपति नेविल रॉय सिंघम को समन जारी किए हैं। सिंघम पर भारत में चीनी दुष्प्रचार फैलाने का आरोप है। कहा जाता है कि वह फिलहाल शंघाई में है। सिंघम को ये समन उनके ईमेल आईडी पर और चीनी सरकारी चैनलों के माध्यम से भेजे गए हैं। माना जा रहा है कि ईडी ने उन्हें यह दूसरी बार समन जारी किया है। मामले की 2021 में जांच शुरू की जाने के बाद पिछले वर्ष उन्हें पहला समन जारी किया गया था।
कौन हैं अमेरिकी अरबपति सिंघम
नेविल राय सिंघम अमेरिकी बिजनसमेन हैं और वह आईटी कंसल्टिंग कंपनी थॉट वर्क्स (ThoughtWorks) के फाउंडर और पूर्व चेयरमैन हैं। उन पर ऐसी संस्थाओं को फंडिंग करने का आरोप है जो चीनी प्रोपेगेंडा को बढ़ावा देते हैं। उन्हें चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का समर्थक माना जाता है। नेविल रॉय सिंघम ने हावर्ड यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्स में डिग्री लेने के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर करियर शुरू किया। साल 1993 में उन्होंने थॉटवर्क्स की स्थापना की। कंपनी सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, सॉफ्टवेयर टूल डेवलपमेंट और कंसल्टिंग सर्विसेज का काम करती है। सिंघम को साल 2009 में फॉरेन पॉलिसी मैगजीन ने टॉप 50 ग्लोबल थिंकर्स में भी शामिल किया था। उनके पिता आर्चीबाल्ड विक्रमराजा सिंघम श्रीलंका के प्रतिष्ठित राजनीति विज्ञानी और इतिहासविद रहे हैं।
शादी के बाद बेच दी कंपनी
सिंघम ने अपनी शादी के 6 महीने बाद थॉटवर्क्स (ThoughtWorks)को बेच दिया था। उन्होंने यह डील प्राइवेट इक्विटी फर्म के साथ 78.5 करोड़ डॉलर यानी करीब 6300 करोड़ रुपये में बेच दी थी। न्यूयार्क टाइम्स ने खुलासा करते हुए न केवल उनकी कंपनी बेचने के इरादे का पर्दाफाश किया है। बल्कि उसने यह भी बताया है कि सिंघम के एजेंडे को बढ़ाने के लिए कई एनजीओ ने मिलकर 27.5 करोड़ डॉलर खर्च किए। न्यूयॉर्क टाइम्स के खुलासे में यह दावा किया गया है कि सिंघम चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के तथाकथित स्मोकलेस वॉर के मुख्य किरदार हैं।
सिंघम ने ‘द हिंदू’अखबार को अक्टूबर में एक बयान जारी कर कहा था कि दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा दर्ज की गई FIR में इस्तेमाल की गई भाषा से पता चलता है कि ये दावे द न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा प्रकाशित एक लेख में दी गई जानकारी से प्रभावित हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स ने जानबूझकर उन फैक्ट नहीं प्रकाशित किया जो मैंने उसे न्यूज छपने की तारीख से पहले 22 जुलाई 2023 को मुहैया कराए थे।
