GDP, Stock Market & Rupee History: इस बार के आम चुनावों से पहले BJP ने एक नारा दिया - अबकि बार, 400 पार। यानी इस बार BJP का गठबंधन NDA 400 सीटें पार कर जाएगा। 1 जून को एग्जिट पोल सामने आ गए हैं। इनमें से कुछ में एनडीए को 400 से अधिक सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। माना जा रहा है कि अगर मौजूदा सरकार मजबूती के साथ वापसी करती है तो शेयर बाजार में भारी तेजी आएगी। भारत में पहले चुनाव 1952 में हुए थे। तब से लेकर अब तक केवल एक बार ऐसा हुआ है कि कोई पार्टी 400 से अधिक सीटें लेकर आई हो। 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस को 414 सीटें मिली थीं। तब शेयर बाजार, डॉलर के मुकाबले रुपया और GDP कहां थी, आइए जानते हैं।
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कैसी थी विकास दर
1970 के दशक के अंत से 1980 के दशक के बीच तक भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ने के लिए संघर्ष कर रही थी। 1982 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 3.48 प्रतिशत थी। 1983 में इसमें 7.29 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, लेकिन 1984 में यह फिर से गिरकर 3.82 प्रतिशत हो गई। ताजा सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 2023-24 में भारत की जीडीपी वृद्धि 8.2 प्रतिशत होगी।
कितना था जीडीपी का साइज और विदेशी मुद्रा भंडार
भारतीय जीडीपी का आकार 1984 में 212.16 अरब डॉलर था। ये अब बढ़कर 3.9 ट्रिलियन डॉलर हो गया है। वहीं 1984 के अंत में भारत का विदेशी भंडार 5.6 अरब डॉलर था। 17 मई, 2024 तक, यह 648.7 अरब डॉलर हो गया है।
कितना था सेंसेक्स
1984 के चुनावों से पहले, भारत में बीएसई सेंसेक्स का बेंचमार्क इंडेक्स 300 अंक से नीचे था। हालांकि, 1991 के सुधारों और भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़ी कई बाधाओं को हटाने के बाद, सेंसेक्स में उछाल आया है। 31 मई, 2024 को सेंसेक्स 73,961.31 अंक पर बंद हुआ।
डॉलर के मुकाबले रुपये की हालत कैसी थी
बीते 40 सालों में डॉलर की तुलना में रुपया काफी कमजोर हुआ है। 1984 में 1 डॉलर 11.36 रुपये के बराबर था। 31 मई को, 1 डॉलर 83.43 रुपये के बराबर रहा।
