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Cashew Cultivation: भारत में कहां और कैसे होती है काजू की खेती, कितना होता है उत्पादन, जानिए डिटेल

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Apr 6, 2024, 05:19 PM IST

Cashew Cultivation: शरीर को ताकत देने के लिए काजू बेहतरीन ड्रायफ्रूट्स माना जाता है। आइए जानते हैं काजू की खेती कहां होती है (kaju ki kheti kahan hoti hai) और कहां सबसे अधिक उत्पादन होता है।

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कहां होती है काजू की खेती (तस्वीर-Canva)

Cashew Cultivation, kaju ki kheti kahan hoti hai: काजू शरीर का पावरहाउस माने जाने वाले ड्रायफ्रूट्स में से एक है। लेकिन क्या आपको पता है कि इसकी खेती कैसे और कहां होती है? काजू की खेती दुनिया के कई देशों में होती है लेकिन भारत में महाराष्ट्र, केरल, तामिलनाडु, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, गोवा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में की जाती है। लेकिन अब उत्तर प्रदेश और झारखंड में भी काजू की खेती की जाने लगी है। भारत में सबसे अधिक काजू का उत्पादन महाराष्ट्र में होता है। यहां के किसान हर साल बंपर काजू का उत्पादन करते हैं। देश की कुल काजू उत्पादन में महाराष्ट्र का 25.82 की हिस्सेदारी है।

काजू उत्पादन में महाराष्ट्र नंबर वन

दुनिया के काजू उत्पादन का करीब 20% भारत में होता है। वर्तमान में सबसे अधिक काजू का उत्पादन भारत में महाराष्ट्र में होता है। जो पूरे देश का करीब 26 प्रतिशत है। उसके बाद आंध्र प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल,छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, मेघालय और गुजरात में काजू की खेती की जाती है। देश में एक साल में करीब 730 हजार टन का उत्पादन होता है। इसके अलावा झारखंड के जामताड़ा में 100 एकड़ में 50 हजार पेड़ लगाकर काजू का उत्पादन किया जा रहा है। इसे झारखंड का काजू शहर कहते हैं। करीब हर वर्ष सैकड़ों टन काजू का उत्पादन हो रहा है। इस इलाके में सैकड़ों लोगों को रोजगार मिला है।

नीचे जानिए किस राज्य में कितना होता है काजू का उत्पादन

काजू उत्पादन क्रमांककाजू उत्पादक राज्य काजू का उत्पादन हजार टन मेंउत्पादन प्रतिशत
1 महाराष्ट199.7025.82
2 आंध्र प्रदेश127.2016.44
3 ओडिशा121.3015.68
4कर्नाटक 77.9010.07
5तमिलनाडु77.309.99
6 केरल76.809.93
7 छत्तीसगढ़21.402.77
8पश्चिम बंगाल11.501.49
9 मेघालय10.001.29
10गुजरात6.700.87

(डेटा सोर्स- NHB, 2021-22)

काजू की खेती के लिए कैसी मिट्टी उचित?

काजू के खेती गर्म वातावरण में की जाती है। क्योंकि इसका पौधा इस तापमान में बेहतर विकास करता है। काजू की खेती के लिए उपयुक्त तापमान 20 से 35 डिग्री होता है। काजू की खेती के लिए लाल बलुई दोमट मिट्टी परफैक्ट मानी जाती है लेकिन यह किसी भी प्रकार की मिट्टी उगाया जा सकता है। काजू के पेड़ को साफ्ट वुड ग्राफ्टिंग विधि से तैयार किया जा सकता है और इसे कलम विधि द्वारा भी तैयार किया जाता है। हर साल बारिश में काजू के पेड़ लगाए जाते हैं।

एक पेड़ से कितना होता है काजू का उत्पादन?

काजू के जानकारों की माने तो एक पेड़ से 8 से 10 किलो तक उत्पादन होता है। बादामी रंग के फल का उत्पादन होता है। इससे करीब दो किलो काजू उत्तम किस्म का तैयार किए जाते हैं। काजू का इस्तेमाल कई तरह के खाने के व्यंजन में इस्तेमाल किया जाता है। कच्चा काजू लोग नहीं खाया जाता है। इसे फोड़ने के बाद तरल पदार्थ निकलता है, जो शरीर के लिए नुकसानदेह होता है। इसलिए इसे प्रोसेसिंग के जरिये तैयार किया जाता है। काजू के सूखे हुए फल को आग में जलाते हैं। फिर मिट्‌टी पर अच्छी तरह से रगड़ने के बाद तोड़कर काजू निकालते हैं।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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