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25 दिन से पहले LPG सिलेंडर खत्म हो जाए तो क्या करें? रिफिल कराने के लिए क्या हैं नियम

अगर आपका गैस सिलेंडर 25 दिन से पहले खत्म हो जाता है, तो परेशान न हों। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि अगर आपके पास सिंगल सिलेंडर हैं तो आप कैसे गैस खत्म होने पर काम कर सकते हैं।

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lpg cylinder Refill

अगर आपके घर मे भी LPG सिलेंडर इस्तेमाल होता है तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। आमतौर पर माना जाता है कि एक स्टैंडर्ड 14.2 किलोग्राम का घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर एक सामान्य परिवार में कम से कम एक महीना या 25 से 30 दिन आराम से चलता है। लेकिन कई बार मेहमानों के आ जाने, त्योहारों के सीजन या ठंड के दिनों में चाय-पानी का इस्तेमाल बढ़ने की वजह से सिलेंडर उम्मीद से पहले ही, यानी 25 दिनों के भीतर ही खाली हो जाता है। ऐसे समय में एक बड़ी मुसीबत खड़ी हो जाती है।

समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब लोगों को लगता है कि नए सरकारी नियमों के तहत 25 दिनों से पहले दूसरा सिलेंडर बुक ही नहीं किया जा सकता। अगर आपके घर में भी अचानक 25 दिन से पहले गैस खत्म हो जाए तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार और तेल कंपनियों के नियमों को समझकर और बैकअप के कुछ आसान विकल्पों को अपनाकर आप इस आपातकालीन स्थिति से बेहद आसानी से निपट सकते हैं।

क्या हैं रिफिल के नियम?

सबसे पहले बात करते हैं रिफिल बुकिंग के नियमों की, जिसे लेकर आम जनता के बीच अक्सर भ्रम की स्थिति रहती है। तेल कंपनियों की गाइडलाइन के अनुसार, एक वित्तीय वर्ष (Financial Year) में एक घरेलू कनेक्शन पर कुल 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलते हैं। पहले के कुछ कड़े नियमों के तहत दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच न्यूनतम 15 दिनों का अंतर होना अनिवार्य किया गया था ताकि गैस की कालाबाजारी (Black Marketing) को रोका जा सके। इसका मतलब यह था कि अगर आपने आज सिलेंडर लिया है, तो आप अगले 15 दिनों तक दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कर सकते थे।

हालांकि, नए नियमों में उपभोक्ताओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए काफी लचीलापन दिया गया है। अगर आपके पास 'डबल सिलेंडर कनेक्शन' (DBC) है, तो आपके पास हमेशा एक भरा हुआ सिलेंडर बैकअप में रहता है। लेकिन अगर आपका सिलेंडर 25 दिन से भी पहले अक्सर खत्म हो रहा है, तो आप अपनी गैस एजेंसी में जाकर उचित कारण बताकर या अपने कमर्शियल लोड की जरूरत को दर्शाकर नियमों के दायरे में रहकर अतिरिक्त बुकिंग के लिए अनुरोध कर सकते हैं।

सिंगल कनेक्शन है तो कैसे बनेगा काम?

अगर आपके पास 'सिंगल सिलेंडर कनेक्शन' है और अचानक आपकी गैस बीच में ही खत्म हो गई है, तो आपके पास तुरंत राहत पाने के लिए 3 सबसे बेहतरीन इमरजेंसी बैकअप विकल्प मौजूद हैं

पहला और सबसे आसान तरीका है 5 किलोग्राम का छोटू सिलेंडर (Chhotu Cylinder)। इंडियन ऑयल (IOCL) और अन्य पेट्रोलियम कंपनियों ने आम जनता की इसी तात्कालिक जरूरत को पूरा करने के लिए 'छोटू' सिलेंडर की शुरुआत की है। इस सिलेंडर को खरीदने के लिए आपको किसी लंबे-चौड़े एड्रेस प्रूफ या कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं होती है। आप अपने नजदीकी पेट्रोल पंप, इंडेन डिस्ट्रीब्यूटर या अधिकृत किराना स्टोर पर जाकर महज अपना एक सरकारी पहचान पत्र दिखाकर इस 5 किलो के सिलेंडर को तुरंत खरीद सकते हैं। यह अचानक गैस खत्म होने की स्थिति में सबसे सुरक्षित और त्वरित बैकअप का काम करता है।

दूसरा आधुनिक और बेहद लोकप्रिय विकल्प है इंडक्शन कुकटॉप (Induction Cooktop) या इलेक्ट्रिक स्टोव। आजकल के समय में हर रसोई में एक इंडक्शन चूल्हा होना बेहद जरूरी हो गया है। यह न केवल बिजली की कम खपत पर तेजी से खाना पकाता है, बल्कि एलपीजी सिलेंडर खत्म होने पर सबसे भरोसेमंद साथी साबित होता है। इस पर आप चाय, दूध उबालने से लेकर पूरा खाना तक आसानी से बना सकते हैं। जब तक आपका मुख्य सिलेंडर रिफिल होकर घर नहीं आ जाता, तब तक इंडक्शन आपके घर के चूल्हे को बुझने नहीं देता।

तीसरा विकल्प यह है कि आप अपने सिंगल कनेक्शन को डबल सिलेंडर कनेक्शन (DBC) में अपग्रेड करवा लें। इसके लिए आपको अपनी गैस एजेंसी में जाकर एक साधारण सा फॉर्म भरना होगा और दूसरे सिलेंडर की सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि जमा करनी होगी। एक बार जब आपके पास दो सिलेंडर हो जाते हैं, तो एक सिलेंडर खत्म होते ही आप तुरंत दूसरा लगा सकते हैं और खाली सिलेंडर को आराम से रिफिल के लिए बुक कर सकते हैं। इससे आपकी रसोई में कभी भी गैस का संकट पैदा नहीं होगा। संक्षेप में कहें तो, गैस जल्दी खत्म होने पर पैनिक होने के बजाय इन आसान बैकअप विकल्पों को एडवांस में तैयार रखना ही समझदारी है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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