बिजनेस

Wazirx: क्या है WazirX फ्रॉड का पूरा मामला, फंड वापस पाने के लिए क्या कर रहा एक्सचेंज, कैसे लगी 1924 करोड़ की चपत, यहां जानें सबकुछ

Wazirx Security Breach: लिमिनल कस्टडी का कहना है कि इसके प्लेटफॉर्म में गड़बड़ नहीं हुई है। इसका इंफ्रास्ट्रक्चर, वॉलेट और एसेट सेफ बनी हुई है। लिमिनल ने यह भी कहा कि लिमिनल प्लेटफॉर्म पर बनाए गए सभी वज़ीरएक्स वॉलेट सेफ और सिक्योर बने हुए हैं।

Image

वजीरएक्स की सिक्योरिटी में हुई चूक

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • वजीरएक्स में हुई सिक्योरिटी ब्रीच
  • 1924 करोड़ का हुआ घोटाला
  • 1.6 करोड़ है वजीरएक्स के यूजर्स

Wazirx Security Breach: भारत में जो प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज हैं, उनमें से एक वजीरएक्स है। वजीरएक्स के यूजर्स की संख्या 1.6 करोड़ से अधिक है। ये 350 से अधिक क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाने की सुविधा देता है। मगर एक घटना ने वजीरएक्स, इसके मैनेजमेंट औ यूजर्स को हिलाकर रख दिया है। मुंबई स्थित वजीरएक्स के मैनेजमेंट और यूजर्स में बीते गुरुवार को तब हड़कंप मच गया, जब एक्सचेंज में एक सिक्योरिटी ब्रीच का मामला सामने आया। ये एक फ्रॉड हुआ है, जिसके नतीजे में एक्सचेंज की लगभग 1,924 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को एक अनअथॉराइज्ड एडरेस पर ट्रांसफर कर दिया गया है। ये जून में इसके द्वारा बताए गए कुल रिजर्व का 45 फीसदी है।

ये भी पढ़ें -

किसने लगाया संदिग्ध ट्रांजेक्शन का पता

सिक्योरिटी ब्रीच की पहचान वेब3 सिक्योरिटी फर्म साइवर्स ने की। इसने एथेरियम ब्लॉकचेन पर वजीरएक्स के सेफ मल्टीसिग वॉलेट से जुड़े "कई संदिग्ध लेनदेन" का पता लगाया। वजीरएक्स के मुताबिक इसके मल्टी-सिग वॉलेट में से एक में सिक्योरिटी में गड़बड़ी हुई है। क्रिप्टो एक्सचेंज के मुताबिक इसकी टीम एक्टिवली घटना की जांच कर रही है।

कैसे हुई सिक्योरिटी में गड़बड़

क्रिप्टो स्टोरेज प्रोवाइडर लिमिनल कस्टडी (जिसका एक क्लाइंट वजीरएक्स है) के अनुसार शुरुआती जांच से पता चला है कि लिमिनल इकोसिस्टम के बाहर बनाए गए सेल्फ-कस्टडी मल्टी-सिग (मल्टीसिग, जिसे मल्टीसिग्नेचर भी कहा जाता है, वह प्रोसेस है जिसमें किसी ट्रांजेक्शन को करने से पहले दो या अधिक हस्ताक्षरों की आवश्यकता होती है) स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट वॉलेट में से एक से छेड़छाड़ की गई है।

लिमिनल के मुताबिक इसके प्लेटफॉर्म में गड़बड़ नहीं हुई है और इसका इंफ्रास्ट्रक्चर, वॉलेट और एसेट सेफ बनी हुई है। लिमिनल ने यह भी कहा कि लिमिनल प्लेटफॉर्म पर बनाए गए सभी वज़ीरएक्स वॉलेट सेफ और सिक्योर बने हुए हैं।

आखिर किसकी तरफ से हुई चूक

वजीरएक्स ने एसेट्स की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार कस्टोडियन लिमिनल पर फंड की सुरक्षा करने में नाकामयाब रहने का आरोप लगाया है, जबकि लिमिनल ने इसके जवाब में कहा है कि वजीरएक्स के इंटरनल सिस्टम और प्रोटोकॉल में गलती हुई है।

पुलिस में की गई शिकायत

वजीरएक्स ने हैकिंग के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। वज़ीरएक्स के सीईओ निश्चल शेट्टी के मुताबिक कंपनी अपराधियों की पहचान करने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि इस समय में ग्राहकों को ज़रूरी सहायता मिले।

वजीरएक्स के फाउंडर ने किए 5 बड़े ऐलान

1. चोरी की गई एसेट्स को फ्रीज/बरामद करने में मदद के लिए एक इनाम कार्यक्रम तैयार कर रहे हैं

2. फंड मूवमेंट की निरंतर ट्रेसिंग पर आगे की चर्चा और कुछ टीमों (जो इस मामले में एक्सपर्ट होने का दावा करते हैं) के संपर्क में है कंपनी।

3. सभी अन्य एक्सचेंजों को सूचित कर दिया है। कुछ ने जवाब दिया है, कुछ ने अभी तक जवाब नहीं दिया है। चोरी किए गए फंड के ट्रांसफर के दौरान वसूली में उनका समर्थन महत्वपूर्ण होगा

4. नुकसान की सीमा को समझने के लिए डेटा का विश्लेषण करना

5. आगे की कानून प्रवर्तन और नियामक प्रक्रियाओं पर काम करना

लोगों में है चिंता

यूजर्स के फंड का क्या होगा, अभी इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं है। फिलहाल वज़ीरएक्स ने प्लेटफ़ॉर्म पर INR और क्रिप्टो विदड्रॉल को अस्थायी रूप से रोक दिया है। लोग सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल पूछ रहे हैं। मगर अभी वजीरएक्स के फंड के रिटर्न पर कोई जवाब नहीं आया है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

और पढ़ें
End of Article