अपना घर खरीदना हर इंसान का एक बड़ा सपना होता है, लेकिन इसके लिए लिया जाने वाला होम लोन कई सालों तक जेब पर भारी पड़ता है। आम तौर पर लोग होम लोन को जल्द से जल्द चुकाने के तरीके ढूंढते हैं ताकि ब्याज का बोझ कम किया जा सके। बैंकिंग सेक्टर में ग्राहकों की इसी जरूरत को पूरा करने के लिए एक बेहतरीन विकल्प पेश किया गया है, जिसे 'होम लोन ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी' (Home Loan Overdraft) कहा जाता है। यह सुविधा रेगुलर होम लोन से काफी अलग और फायदेमंद होती है, जो आपको ब्याज बचाने के साथ-साथ पैसों की लिक्विडिटी यानी जरूरत पड़ने पर तुरंत कैश निकालने की आजादी भी देती है।
क्या है होम लोन ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी?
होम लोन ओवरड्राफ्ट एक ऐसा लोन अकाउंट होता है जो आपके होम लोन के साथ एक करंट या सेविंग्स अकाउंट की तरह काम करता है। इसमें बैंक आपको एक निश्चित लोन राशि मंजूर करता है, और साथ ही आपको उस अकाउंट में अपनी अतिरिक्त सेविंग्स या सरप्लस फंड जमा करने की सुविधा देता है। इस सुविधा की सबसे खास बात यह है कि बैंक आपसे पूरे लोन अमाउंट पर ब्याज नहीं वसूलता, बल्कि कुल लोन राशि में से आपके द्वारा जमा की गई अतिरिक्त राशि को घटाने के बाद जो नेट आउटस्टैंडिंग बैलेंस बचता है, केवल उसी पर ब्याज की गणना की जाती है। इस प्रकार, आप अपने पास पड़े एक्स्ट्रा पैसों का इस्तेमाल अपने लोन के ब्याज को कम करने के लिए कर सकते हैं।
यह सुविधा सामान्य होम लोन से कैसे अलग है?
इसे एक सीधे गणित से समझा जा सकता है। मान लीजिए आपका होम लोन 50,00,000 का है और आपके पास बिजनेस या बोनस से आए 5,00,000 अतिरिक्त पड़े हैं। अगर आप इसे सामान्य होम लोन में 'प्री-पेमेंट' के रूप में चुकाते हैं, तो यह पैसा लोन अकाउंट में लॉक हो जाता है और आप इसे दोबारा वापस नहीं निकाल सकते। लेकिन ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी में, जब आप यह 5,00,000 अपने ओवरड्राफ्ट अकाउंट में डालते हैं, तो बैंक केवल 45,00,000 पर ही ब्याज लगाएगा। इसके अलावा, सबसे बड़ा फायदा यह है कि भविष्य में किसी इमरजेंसी के समय आप इस 5,00,000 को जब चाहें बिना किसी पेनल्टी के वापस निकाल भी सकते हैं। जैसे ही आप पैसे निकालेंगे, ब्याज फिर से बढ़ी हुई राशि पर लगना शुरू हो जाएगा।
होम लोन ओवरड्राफ्ट के बेहतरीन फायदे
इस सुविधा का सबसे पहला और बड़ा फायदा है ब्याज की भारी बचत और लोन की अवधि (Tenure) का कम होना। चूंकि आप समय-समय पर अपनी सैलरी, बोनस या बिजनेस का अतिरिक्त प्रॉफिट इस अकाउंट में पार्क करते रहते हैं, जिससे आपका इफेक्टिव प्रिंसिपल अमाउंट कम हो जाता है, और आपका लोन तय समय से काफी पहले खत्म हो जाता है। दूसरा फायदा है पैसों की फ्लेक्सिबिलिटी। यह उन लोगों के लिए वरदान है जिनके पास रेगुलर अंतराल पर एकमुश्त पैसा आता रहता है, जैसे बिजनेसमैन या फ्रीलांसर। उन्हें अपने पैसे को किसी फिक्स्ड डिपॉजिट में कम ब्याज पर लॉक करने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि वे उसे होम लोन अकाउंट में रखकर होम लोन की ऊंची ब्याज दर के बराबर बचत कर लेते हैं।
इस सुविधा का लाभ कैसे उठाएं और किसे चुनना चाहिए?
होम लोन ओवरड्राफ्ट सुविधा का फायदा लेने के लिए आप लोन आवेदन के समय ही बैंक से इस विकल्प की मांग कर सकते हैं। लगभग सभी प्रमुख सरकारी और प्राइवेट बैंक (जैसे कोटक महिंद्रा बैंक, एसबीआई आदि) इस तरह की योजनाएं प्रदान करते हैं। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि इस सुविधा के लिए बैंक सामान्य होम लोन की तुलना में थोड़ी सी ऊंची ब्याज दर (आमतौर पर 0.25% से 0.50% तक अधिक) वसूल सकते हैं। इसलिए, यह सुविधा उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है जिनके पास अक्सर सरप्लस फंड उपलब्ध रहता है। अगर आपकी आमदनी फिक्स है और आपके पास अतिरिक्त पैसे बचने की संभावना कम है, तो आपके लिए रेगुलर होम लोन ही बेहतर विकल्प साबित होगा। लोन लेने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति का सही मूल्यांकन जरूर करें।
