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क्या होती है डब्बा ट्रेडिंग, जिससे लग सकता है आपको चूना, पैसा लगाने से पहले हो जाएं अलर्ट

डब्बा ट्रेडिंग शेयरों में ट्रेड करने का एक गैर-कानूनी तरीका है। ये एक जोखिम वाला ऑप्शन है। इसमें एनएसई पर बिना रजिस्टर हुए ही कुछ लोग निवेशकों का पैसा उनकी तरफ से खुद निवेश करते हैं।

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डब्बा ट्रेडिंग शेयरों में ट्रेड का एक गैर-कानूनी तरीका है

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KEY HIGHLIGHTS
  • डब्बा ट्रेडिंग शेयरों में ट्रेड का गैर-कानूनी तरीका है
  • डब्बा ट्रेडिंग में होता है जोखिम
  • एनएसई ने डब्बा ट्रेडिंग से किया अलर्ट

Dabba Trading in Share Market : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने निवेशकों को डब्बा ट्रेडिंग के खतरों से अलर्ट किया है। एनएसई ने गारंटीड रिटर्न का वादा करने वाले अवैध डब्बा ट्रेडिंग चलाने वाले धोखेबाजों से निवेशकों को अलर्ट किया है। डब्बा ट्रेडिंग के कई खतरे हैं। इसमें आपका पैसा डूब सकता है। इसलिए शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों को इससे सावधान रहना चाहिए।

क्या होती है डब्बा ट्रेडिंग

बता दें कि डब्बा ट्रेडिंग शेयरों में लेन-देन का एक अवैध तरीका है। डब्बा ट्रेडिंग चलाने वाले लोग निवेशकों से स्टॉक एक्सचेंज प्लेटफॉर्म से इतर इक्विटी में ट्रेड कराते हैं। अहम बात यह है कि ये लोग एनएसई के रजिस्टर्ड सदस्य नहीं होते। इसीलिए एनएसई ने लोगों को अलर्ट करते हुए कहा है कि ऐसे लोगों की योजनाओं और प्रोडक्ट से दूर रहें।

कैसे होती है डब्बा ट्रेडिंग

एनएसई ने साफ किया है यदि कोई व्यक्ति अवैध ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर ट्रेड करता है तो जोखिम और उसके नतीजे खुद भुगतने होंगे। ऐसे अवैध ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स को एक्सचेंज से मान्यता नहीं मिलती। अब बताते हैं कि डब्बा ट्रेडिंग क्या होती है। 'डब्बा' का मतलब वैसे तो एक बॉक्स होता है, जिसके जरिए सामान एक से दूसरी जगह ले जाया जाता है। पर यहां इसका मतलब अलग है। यहां डब्बे का मतलब ब्रोकरों का एक नेटवर्क है। ये नेटवर्क छोटी-मोटी जगह से चलते हैं। और इसमें स्टॉक की ट्रेडिंग रियल में न होकर सट्टे के रुप में होती है।

होती हैं कई गड़बड़ियां

डब्बा ट्रेडिंग ये सेबी के दायरे से बाहर हैं, इसलिए अगर किसी निवेशक को नुकसान हो जाए तो उसके लिए कहीं भी शिकायत करना मुश्किल होगा। हालांकि डब्बा ट्रेडिंग के दोषी पर जुर्माना लग सकता है। इतना ही नहीं उसे जेल भी भेजा जा सकता है। एनएसई ने डब्बा ट्रेडिंग कराने वाली कुछ यूनिट्स के नाम भी बताए हैं। इनमें श्री पारसनाथ कमोडिटी प्राइवेट लिमिटेड, श्री पारसनाथ बुलियन प्राइवेट लिमिटेड, फेरी टेल ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड और भरत कुमार (ट्रेड विद ट्रस्ट के साथ एसोसिएटेड) शामिल हैं। जिन लोगों को सेबी के नियम नहीं पता होते वे लालच में फंसकर अकसर पैसा गंवा देते हैं।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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