1 Paisa Tick Size: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 250 रुपये प्रति शेयर के ट्रेडिंग प्राइस से नीचे के सभी शेयरों के लिए 1 पैसा टिक साइज शुरू करने का फैसला लिया है। इस बारे में 24 मई को सर्कुलर जारी हुआ। यह नया सिस्टम 10 जून से शुरू होने वाला है। स्टॉक ट्रेडिंग में टिक साइज उस मिनिमम प्राइस मूवमेंट को दिखाता है, जिसके द्वारा स्टॉक की कीमतें बदल सकती हैं। उदाहरण के लिए अगर किसी शेयर के लिए टिक साइज 5 पैसा है, तो कीमत केवल 5 पैसे की कमी या वृद्धि में ही मूव कर सकती है।
क्या होता है टिक साइज
दूसरे शब्दों में कहें तो टिक साइज वह वृद्धिशील मूल्य है जिस पर कोई स्टॉक कारोबार कर सकता है। 1 पैसा टिक साइज, जो बोली और पेशकश मूल्य के बीच न्यूनतम मूल्य परिवर्तन है , बीएसई ने पिछले साल मार्च में 100 रुपये से कम के शेयरों के लिए लागू किया था। पहले 15 रुपये से ऊपर के सभी शेयरों के लिए टिक साइज 5 पैसे था।
NSE (National Stock Exchange) सर्कुलर के अनुसार, ETF को छोड़कर EQ, BE, BZ, BO, RL और AF सीरीज के तहत सभी सिक्योरिटीज के टिक साइज में बदलाव आएगा। पहले इनके लिए टिक साइज 5 पैसा था। सर्कुलर में कहा गया है कि T+1 सेटलमेंट में सिक्योरिटीज के लिए टिक साइज, टी+0 सेटलमेंट (सीरीज T0) के लिए भी लागू होगा।
कहां लागू होगा कैश मार्केट वाला टिक साइज
एनएसई ने बताया कि महीने के आखिरी कारोबारी दिन के क्लोजिंग प्राइस के आधार पर टिक साइज को लेकर हर महीने रिव्यू और एडजस्टमेंट होगा। स्टॉक फ्यूचर्स में भी 8 जुलाई से वही टिक साइज होगा, जो कैश मार्केट सेगमेंट में लागू होगा। टिक साइज में संशोधन सभी एक्सपायरी यानि नियर-मंथ, मिडिल मंथ और फार-मंथ के लिए लागू होग
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
