वोडाफोन आइडिया के शेयर में हल्की बढ़त देखने को मिली है। शुक्रवार को कंपनी का शेयर करीब 0.5% चढ़कर ₹9.67 तक पहुंच गया। निवेशकों की नजरें अब 27 अक्टूबर को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की अहम सुनवाई पर टिकी हैं। यह सुनवाई वोडाफोन आइडिया की उस याचिका से जुड़ी है जिसमें कंपनी ने दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा मांगे गए ₹9,450 करोड़ के अतिरिक्त AGR (Adjusted Gross Revenue) भुगतान को रद्द करने की मांग की है।
क्या है मामला?
वोडाफोन आइडिया कई सालों से AGR बकाया को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रही है। 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने AGR की गणना के नियम तय किए थे, जिसमें टेलीकॉम के अलावा दूसरी आय को भी जोड़ा गया था। अब DoT ने ₹9,450 करोड़ की अतिरिक्त मांग की है, जिसे कंपनी ने गलत बताया है। वोडाफोन आइडिया का कहना है कि इस रकम का कुछ हिस्सा डुप्लिकेट है, इसलिए वह 2016-17 तक की देनदारियों की दोबारा जांच चाहती है।
सुप्रीम कोर्ट में क्या होगा आज?
सुप्रीम कोर्ट में इस केस की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवाई की बेंच करेगी। इससे पहले 13 अक्टूबर को हुई सुनवाई में सरकार ने जवाब देने के लिए समय मांगा था। सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि वह कंपनी के साथ समाधान निकालना चाहती है, क्योंकि सरकार के पास वोडाफोन आइडिया में लगभग 50% हिस्सेदारी है।
सरकार की सोच क्या है?
केंद्र सरकार ने वोडाफोन आइडिया की याचिका का विरोध नहीं किया है। बल्कि वह ऐसा रास्ता चाहती है जिससे कंपनी को कुछ राहत मिल सके और उसका कारोबार स्थिर हो। चर्चाओं के मुताबिक, सरकार एकमुश्त निपटान (One-Time Settlement) पर विचार कर रही है, जिसमें ब्याज और जुर्माने में छूट दी जा सकती है।
शेयरहोल्डर्स को क्या उम्मीद है?
पिछले एक महीने में वोडाफोन आइडिया के शेयरों में करीब 17.5% की बढ़त हुई है। निवेशक मान रहे हैं कि अगर सुप्रीम कोर्ट से कंपनी को राहत मिलती है, तो उसके शेयर में और उछाल आ सकता है। हालांकि, अगर फैसला कंपनी के खिलाफ जाता है, तो उसकी वित्तीय स्थिति पर और दबाव बढ़ सकता है।
27 अक्टूबर की सुनवाई वोडाफोन आइडिया के भविष्य के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। इस फैसले से तय होगा कि कंपनी अपनी वित्तीय मुश्किलों से उबर पाएगी या नहीं। टेलीकॉम इंडस्ट्री, सरकार और निवेशक सभी की निगाहें आज कोर्ट में होने वाले इस फैसले पर हैं।
(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)
