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Vedanta : वेदांता ने ओएफएस से जुटाए 3200 करोड़ , जानें पैसा क्या करेगी कंपनी

Vedanta OFS: इस बिक्री पेशकश से वेदांता को करीब 3,200 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है।वेदांता ओएफएस से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल अपने बही-खाते को दुरुस्त करने और अपनी विस्तार परियोजनाओं में निवेश के लिए करेगी। पिछले महीने पात्र संस्थागत आवंटन से जुटाई गई 8,500 करोड़ रुपये की राशि को मिलाकर वेदांता समूह और एचजेडएल दोनों का कर्ज कम करने में मदद मिलेगी।

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वेदांता ग्रुप

Vedanta OFS:खनन कंपनी वेदांता लिमिटेड ने अपनी सब्सिडियरी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (एचजेडएल) के शेयरों की बिक्री पेशकश से करीब 3,200 करोड़ रुपये जुटाए हैं।वेदांता ग्रुप की कंपनी हिंदुस्तान जिंक के शेयरों की बिक्री पेशकश (OFS) को रिटेल एवं संस्थागत निवेशकों से अच्छा रिस्पांस मिला है। ओएफएस से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल अपने बही-खाते को दुरुस्त करने और अपनी विस्तार परियोजनाओं में निवेश के लिए करेगी। इसके पहले कंपनी ने पिछले महीने 8500 करोड़ रुपये जुटाए थे। हालांकि इस खबर का असर मंगलवार को कंपनी के शेयर पर नहीं दिख रहा है। कंपनी के शेयर 11.15 बजे फ्लेट थे और वह 442.80 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे।

कर्ज कम करने पर फोकस

सूत्रों ने कहा कि इस बिक्री पेशकश से वेदांता को करीब 3,200 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है।वेदांता ओएफएस से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल अपने बही-खाते को दुरुस्त करने और अपनी विस्तार परियोजनाओं में निवेश के लिए करेगी। पिछले महीने पात्र संस्थागत आवंटन से जुटाई गई 8,500 करोड़ रुपये की राशि को मिलाकर वेदांता समूह और एचजेडएल दोनों का कर्ज कम करने में मदद मिलेगी।खुदरा निवेशकों के लिए आधार निर्गम आकार 51.44 लाख शेयरों का था जबकि कुल 93.82 लाख शेयरों की खरीद हुई।

अब हिंदुस्तान जिंक में कितनी हिस्सेदारी

सूत्रों के मुताबिक, संस्थागत निवेशकों के लिए 4.62 करोड़ शेयर निर्धारित किए गए थे जबकि कुल संस्थागत खरीद 6.36 करोड़ शेयरों की हुई।वेदांता ने बीएसई को दी सूचना में कहा कि 16-19 अगस्त तक चली ओएफएस प्रक्रिया के बाद हिंदुस्तान जिंक में वेदांता की शेयरधारिता 63.42 प्रतिशत रह गई है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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