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कितनी दौलत के मालिक हैं वेदांता ग्रुप के अनिल अग्रवाल, दान करने वाले हैं 75% संपत्ति

वेदांता ग्रुप के संस्थापक अनिल अग्रवाल देश के प्रमुख उद्योगपतियों में गिने जाते हैं। माइनिंग से लेकर मेटल और एनर्जी सेक्टर तक फैले उनके कारोबार ने उन्हें अरबों की संपत्ति का मालिक बनाया है। हाल ही में अनिल अग्रवाल ने अपनी कुल संपत्ति का 75 प्रतिशत हिस्सा दान करने का ऐलान किया है, जिसके बाद उनकी दौलत और इस बड़े फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

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Vedanta Anil Agarwal

वेदांता ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन अनिल अग्रवाल देश के जाने-माने उद्योगपतियों में शामिल हैं। माइनिंग, मेटल, ऑयल-गैस और पावर सेक्टर में काम करने वाला वेदांता ग्रुप भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में कारोबार करता है। हाल ही में अनिल अग्रवाल अपने बेटे के निधन की वजह से चर्चा में आए हैं। इस दुखद घटना के बाद उन्होंने अपनी कुल संपत्ति का 75 प्रतिशत हिस्सा दान करने का ऐलान किया है, जिसे लेकर हर जगह चर्चा हो रही है।

अनिल अग्रवाल का जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ था। उन्होंने बेहद सीमित संसाधनों के साथ अपना बिजनेस शुरू किया और मेहनत के दम पर वेदांता ग्रुप को एक बड़ी कंपनी बना दिया। आज वे उन चुनिंदा भारतीय उद्योगपतियों में शामिल हैं, जिन्होंने जमीन से उठकर अरबों की संपत्ति खड़ी की है। ऐसे में आइए जानते हैं आखिर कितने अमीर हैं वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और कितनी दौलत वो दान करेंगे?

कितनी है नेटवर्थ?

अगर उनकी नेटवर्थ की बात करें, तो अनिल अग्रवाल की नेटवर्थ लाखों करोड़ रुपये में आंकी जाती है। सन्डे गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक अनिल अग्रवाल के पास 4.2 अरब डॉलर यानी 3.66 लाख करोड़ की दौलत है. उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा वेदांता ग्रुप की कंपनियों, शेयरहोल्डिंग और निवेश से आता है। बाजार की चाल के साथ उनकी संपत्ति घटती-बढ़ती रहती है, लेकिन फिर भी वे देश के सबसे अमीर बिजनेस लीडर्स में गिने जाते हैं।

बेटे की मौत के बाद टूट गए अनिल अग्रवाल

हाल ही में अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का असमय निधन हो गया। यह घटना उनके परिवार के लिए बेहद दुखद रही। बेटे की मौत के बाद अनिल अग्रवाल ने भावुक होकर कहा कि यह उनके जीवन का सबसे कठिन समय है। उन्होंने यह भी बताया कि उनका बेटा सिर्फ परिवार का हिस्सा नहीं, बल्कि उनके सपनों और सोच का अहम आधार था।

इतनी दौलत करेंगे दान

इसी दुख के बीच अनिल अग्रवाल ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने ऐलान किया कि वे अपनी कुल संपत्ति का 75 प्रतिशत हिस्सा समाज के कल्याण के लिए दान करेंगे। उनका कहना है कि यह फैसला उन्होंने बेटे के साथ देखे गए सपनों को पूरा करने के लिए लिया है। वे चाहते हैं कि उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा जरूरतमंद लोगों की मदद में लगे।

कहां इस्तेमाल होगा दान का पैसा?

अनिल अग्रवाल के मुताबिक, दान की जाने वाली इस संपत्ति का इस्तेमाल गरीबों की मदद, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसर बढ़ाने में किया जाएगा। उनका मानना है कि अगर समाज मजबूत होगा, तो देश भी आगे बढ़ेगा। वे अब बिजनेस के साथ-साथ समाज सेवा को भी अपनी प्राथमिकता मानते हैं।

परिवार में कौन कौन?

वेदांता ग्रुप के संचालन में अब परिवार की अगली पीढ़ी भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। अनिल अग्रवाल की बेटी प्रिया अग्रवाल ग्रुप से जुड़ी अहम जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। वह कंपनी के कई फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं और कॉरपोरेट गवर्नेंस पर भी ध्यान देती हैं।

अनिल अग्रवाल का यह फैसला बताता है कि आज के बड़े उद्योगपति सिर्फ मुनाफा कमाने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाना चाहते हैं। 75 प्रतिशत संपत्ति दान करने का ऐलान भारतीय उद्योग जगत में एक बड़ा और मिसाल कायम करने वाला कदम माना जा रहा है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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