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USA Unemployment: अमेरिका में बेरोजगारी बढ़ी, ट्रंप ने भारत के टैरिफ पर साधा निशाना

USA Unemployment: तीन अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में बेरोजगारी लाभ के लिए आवेदनों की संख्या 33,000 बढ़कर 2,58,000 हो गयी। यह पांच अगस्त, 2023 के बाद से सबसे अधिक है। साथ ही यह विश्लेषकों के 2,29,000 के अनुमान से कहीं अधिक है।

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अमेरिका में बेरोजगारी दर

USA Unemployment: अमेरिका में बेरोजगारी लाभ के लिए आवेदन करने वालों की संख्या पिछले सप्ताह उछलकर साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गयी। विश्लेषकों का कहना है कि इसका कारण संभवत: श्रम बाजार में नरमी के बजाय चक्रवात हेलेन और बोइंग में कर्मचारियों की हड़ताल है।श्रम विभाग ने बृहस्पतिवार को कहा कि तीन अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में बेरोजगारी लाभ के लिए आवेदनों की संख्या 33,000 बढ़कर 2,58,000 हो गयी। यह पांच अगस्त, 2023 के बाद से सबसे अधिक है। साथ ही यह विश्लेषकों के 2,29,000 के अनुमान से कहीं अधिक है।

इसलिए बढ़ी बेरोजगारी

विश्लेषकों ने कहा कि चक्रवात हेलेन से प्रभावित फ्लोरिडा, उत्तरी कैरोलिना, दक्षिण कैरोलिना और टेनेसी सहित अन्य राज्यों में बेरोजगारी लाभ के लिए आवेदनों की संख्या बढ़ी है।ऑक्सफ़ोर्ड इकनॉमिक्स की प्रमुख अमेरिकी अर्थशास्त्री नैन्सी वैंडेन हाउटन ने कहा कि तूफान हेलेन और मिल्टन के साथ-साथ बोइंग हड़ताल से प्रभावित राज्यों में बेरोजगारी लाभ के दावों में वृद्धि की संभावना है और यह तबतक रहेगा जबकि इसका असर समाप्त नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि हालांकि, हमें लगता है कि फेडरल रिजर्व (अमेरिकी केंद्रीय बैंक) इन प्रभावों को अस्थायी मानेगा और उम्मीद है कि नवंबर की बैठक में वह नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत की कमी करेगा।

ट्रंप का भारत पर आरोप

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सत्ता में आने पर पारस्परिक कर लगाने का संकल्प लेते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि सभी प्रमुख देशों में से भारत विदेशी उत्पादों पर सबसे अधिक शुल्क लगाता है। ट्रम्प ने डेट्रायट में प्रमुख आर्थिक नीति पर अपने भाषण में कहा, शायद अमेरिका को फिर से असाधारण रूप से समृद्ध बनाने की मेरी योजना का सबसे महत्वपूर्ण तत्व पारस्परिकता है। यह एक ऐसा शब्द है जो मेरी योजना में बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि हम आम तौर पर शुल्क नहीं लगाते हैं। मैंने वह प्रक्रिया शुरू की थी वैन तथा छोटे ट्रक आदि के साथ...वह बहुत बढ़िया थी। हम वास्तव में शुल्क नहीं लगाते हैं। चीन 200 प्रतिशत शुल्क लगाएगा। ब्राजील बड़ा शुल्क वसूलता है। हालांकि इनमें से सबसे अधिक शुल्क भारत लेता है। उन्होंने कहा कि भारत बहुत अधिक शुल्क लेता है। भारत के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं। मेरे भी हैं। खास तौर पर नेता (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी के साथ। वे एक महान नेता हैं। महान व्यक्ति हैं। वास्तव में महान व्यक्ति हैं। उन्होंने बहुत बढ़िया काम किया है, लेकिन वे शायद काफी शुल्क लेते हैं।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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