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बजट 2026 से राज्यों को क्या मिला? जानिए डिटेल

Union Budget 2026: केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये वित्त आयोग के अनुदान के रूप में आवंटित किए हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए बताया कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार राज्यों के लिए केंद्रीय करों का वर्टिकल शेयर 41% रहेगा। इसमें ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों व आपदा प्रबंधन के लिए अनुदान शामिल हैं।

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (तस्वीर-ANI)

Photo : ANI

Union Budget 2026: केंद्र सरकार ने बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये वित्त आयोग के अनुदान के रूप में आवंटित किए हैं। यह जानकारी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को यूनियन बजट 2026-27 पेश करते समय दी। उन्होंने बताया कि केंद्र ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिश को स्वीकार किया है और राज्यों के लिए केंद्रीय करों से वर्टिकल शेयर 41% रखने का निर्णय किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार किया है और राज्यों के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये वित्त आयोग अनुदान के रूप में आवंटित किए हैं। इसमें ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों और आपदा प्रबंधन के लिए अनुदान शामिल हैं।

15वें और 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें

पिछले वित्त आयोग यानी 15वें वित्त आयोग ने राज्यों को केंद्रीय करों में 41% हिस्सा देने की सिफारिश की थी। 16वें वित्त आयोग ने इसे बनाए रखा है। इसका मतलब है कि केंद्रीय कर राजस्व का 41% हिस्सा राज्यों को प्राप्त होगा, ताकि वे अपनी विकास योजनाओं और स्थानीय निकायों के कामकाज के लिए इस्तेमाल कर सकें।

राजस्थान और झारखंड को मिले अनुदान

बीते दिसंबर 2025 में राजस्थान और झारखंड को ग्रामीण निकायों के लिए 723 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई थी। यह राशि 15वें वित्त आयोग के तहत जारी की गई थी। इसका उद्देश्य गांव स्तर की संस्थाओं को मजबूत करना और उनके कामकाज को बेहतर बनाना था। राजस्थान में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस राशि का पहला हिस्सा 303.0419 करोड़ रुपये जारी किया गया। यह राशि 24 जिला पंचायतों, 339 ब्लॉक पंचायतों और 3,857 ग्राम पंचायतों के लिए निर्धारित की गई थी। सरकार का यह कदम स्थानीय समूहों को समर्थ बनाने और क्षेत्रीय विकास के महत्वपूर्ण कार्यों को करने में मदद करेगा। इससे ग्राम स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।

नारियल उत्पादन बढ़ाने के लिए नया योजना

इसके अलावा, वित्त मंत्री ने नारियल उत्पादन बढ़ाने और उत्पादकता सुधारने के लिए Coconut Promotion Scheme की घोषणा की। इसका उद्देश्य भारत में नारियल की खेती को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है। फाइनेंस मिनिस्टर ने बताया कि इस योजना में प्रमुख नारियल उगाने वाले राज्यों पर ध्यान दिया जाएगा। इसमें अप्रभावी पेड़ों की जगह उच्च उत्पादकता वाले नए पौधे लगाना और अन्य तकनीकी हस्तक्षेप शामिल होंगे। उनका कहना था कि प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए हम नई तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाले पौधों का उपयोग करेंगे ताकि किसानों की आमदनी बढ़े और उत्पादन में सुधार हो।

निर्मला सीतारमण ने रिकॉर्ड नौवीं बार बजट पेश किया

इस बार का बजट निर्मला सीतारमण द्वारा रिकॉर्ड नौवीं बार पेश किया गया है। उन्होंने बजट में न केवल राज्यों के विकास और स्थानीय निकायों को सहायता देने के उपाय किए, बल्कि कृषि और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं का भी प्रस्ताव रखा। कुल मिलाकर, इस बजट में राज्यों के लिए वित्त आयोग अनुदान, स्थानीय निकायों के लिए विशेष धनराशि, और कृषि क्षेत्र के लिए योजनाएं शामिल हैं। इन कदमों से राज्यों को वित्तीय मदद मिलेगी और गांव स्तर पर विकास के काम में तेजी आएगी।

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रामानुज सिंह
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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