आईटी सर्विस सेक्टर की प्रमुख कंपनी इंफोसिस का एकीकृत शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 2.2 प्रतिशत घटकर 6,654 करोड़ रुपए रहा। बेंगलुरु मुख्यालय वाली इस कंपनी ने पिछले वर्ष की इसी अवधि में 6,806 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मुनाफे में आई इस कमी का कारण हाल ही में पेश लेबर कोड से जुड़ा 1,289 करोड़ रुपए का एकमुश्त शुल्क रहा।
परिचालन राजस्व 8.89 प्रतिशत बढ़ा
इंफोसिस ने बुधवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि कंपनी का परिचालन राजस्व दिसंबर तिमाही में 8.89 प्रतिशत बढ़कर 45,479 करोड़ रुपए हो गया, जो एक वर्ष पहले 2024-25 की तीसरी तिमाही में 41,764 करोड़ रुपए दर्ज किया गया था। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के मुकाबले कंपनी का लाभ 9.6 प्रतिशत घटा, जबकि राजस्व में 2.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इंफोसिस ने भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण दिखाते हुए अपने पूरे वर्ष का राजस्व वृद्धि अनुमान बढ़ा दिया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजस्व वृद्धि अनुमान को बढ़ाकर स्थिर मुद्रा के आधार पर 3-3.5 प्रतिशत कर दिया है।
इंफोसिस के सीईओ ने क्या कहा
इंफोसिस के सीईओ और प्रबंध निदेशक सलिल पारेख ने कहा, ''कंपनी ने तीसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया, जो यह दर्शाता है कि कैसे 'इन्फोसिस टोपाज' के माध्यम से एंटरप्राइज एआई में हमारे विशिष्ट मूल्य प्रस्ताव लगातार उच्च बाजार हिस्सेदारी दिला रहे हैं।'' उन्होंने आगे कहा, ''ग्राहक तेजी से इन्फोसिस को प्रमाणित विशेषज्ञता, नवाचार क्षमताओं और मजबूत डिलीवरी साख वाले अपने एआई साझेदार के रूप में देख रहे हैं। इसने उन्हें व्यावसायिक क्षमता को उजागर करने और मूल्य प्राप्ति को बढ़ाने में मदद की है। इस यात्रा के केंद्र में एआई मूल्यवर्धित दुनिया में सफलता पाने के लिए अपने समर्पित मानव संसाधन पूल को फिर से कुशल बनाने की हमारी प्रतिबद्धता है।''आईटी मेजर का वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में शुद्ध लाभ तिमाही आधार पर लगभग 1 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान लगया जा रहा था, जबकि राजस्व वृद्धि भी तिमाही आधार पर लगभग 2 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान था।
(इनपुट-भाषा)
