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बैंक कर्मचारियों ने रिवाइज्ड PLI फॉर्मूला लागू करने पर जताई आपत्ति, जानिए क्यों?

Bank PLI Formula: बैंक कर्मचारियों के नौ प्रमुख संगठनों के संयुक्त मंच UFBU ने बुधवार को वित्तीय सेवा विभाग से संशोधित PLI फॉर्मूले के एकतरफा लागू होने को तुरंत रद्द करने की मांग की। UFBU ने कहा कि यह कदम कर्मचारियों में असहमति और विभाजन पैदा कर सकता है, जबकि मौजूदा पीएलआई योजना द्विपक्षीय चर्चाओं और समझौते के आधार पर तैयार की गई थी।

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संशोधित PLI फॉर्मूला पर UFBU का सख्त रुख, तुरंत रोकने की मांग (तस्वीर-istock)

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Bank PLI Formula: बैंक कर्मचारियों के नौ प्रमुख संगठनों के संयुक्त मंच यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने बुधवार को वित्तीय सेवा विभाग द्वारा संशोधित प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) फॉर्मूले के एकतरफा कार्यान्वयन को तत्काल रद्द करने की मांग की। UFBU का कहना है कि कर्मचारियों ने इस कदम को न केवल एकतरफा माना है, बल्कि यह विभाजनकारी और कर्मचारियों के बीच असहमति पैदा करने वाला भी साबित हो सकता है। संगठन ने जोर देकर कहा कि पीएलआई योजना पहले से ही समझौते के जरिये विकसित की गई थी, जिसमें द्विपक्षीय चर्चाओं और द्विपक्षीय समझौते/संयुक्त नोट का आधार शामिल था।

मौजूदा समझौते के तहत पीएलआई का महत्व

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक UFBU के बयान के अनुसार, मौजूदा पीएलआई योजना एक द्विपक्षीय समझौते के तहत तैयार की गई थी, जिसमें कर्मचारियों और प्रबंधन दोनों की सहमति शामिल थी। इस योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर उचित प्रोत्साहन देना और बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता बनाए रखना था। संगठन ने कहा कि वित्तीय सेवा विभाग द्वारा संशोधित फॉर्मूले को एकतरफा लागू करना न केवल समझौते की भावना का उल्लंघन है, बल्कि यह औद्योगिक संबंधों की स्थापित प्रक्रियाओं के अनुरूप भी नहीं है।

सुलह प्रक्रिया पहले ही चल रही है

UFBU ने स्पष्ट किया कि यह मामला पहले से ही मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के कार्यालय में सुलह के लिए विचाराधीन है। नौ मार्च, 2026 को हुई सुलह कार्यवाही में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए स्केल चार से सात के अधिकारियों के पीएलआई भुगतान का मुद्दा सक्रिय रूप से उठाया गया था। इसके तहत इस मामले पर द्विपक्षीय चर्चाओं और सुलह के माध्यम से आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। संगठन ने कहा कि इस प्रक्रिया के लंबित रहने के दौरान किसी भी प्रकार का एकतरफा कदम पूरी तरह अस्वीकार्य है।

प्रबंधन और वित्तीय सेवा विभाग से आग्रह

यूएफबीयू ने वित्तीय सेवा विभाग, भारतीय बैंक संघ (IBA) और सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रबंधन से आग्रह किया है कि वे सभी एकतरफा कदमों को तुरंत रोकें। संगठन ने कहा कि यह आवश्यक है कि मामले का समाधान बातचीत और समझौते के माध्यम से किया जाए, ताकि कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच विश्वास और औद्योगिक संबंधों की स्थिरता बनी रहे। संगठन ने यह भी चेतावनी दी कि अगर एकतरफा कार्रवाई की गई, तो इससे कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच तनाव बढ़ सकता है और बैंकिंग क्षेत्र में कामकाजी वातावरण प्रभावित हो सकता है।

कर्मचारियों की प्रतिक्रिया और अपेक्षाएं

UFBU ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारी संशोधित पीएलआई फॉर्मूले को केवल तभी स्वीकार करेंगे जब वह पूरी तरह से द्विपक्षीय समझौते और सुलह प्रक्रिया के तहत तैयार किया गया हो। संगठन ने कहा कि कर्मचारियों का हित सर्वोपरि है और उनका उद्देश्य पारदर्शिता और न्यायपूर्ण प्रोत्साहन प्रणाली बनाए रखना है। बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि कर्मचारियों का यह रुख केवल उनके व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि पूरे बैंकिंग क्षेत्र में स्थिर औद्योगिक संबंध बनाए रखने के लिए है।

UFBU का यह कदम बैंकिंग क्षेत्र में कर्मचारियों की एकता और उनकी औद्योगिक शक्ति को दर्शाता है। संगठन ने यह दोहराया कि किसी भी तरह की एकतरफा कार्रवाई कर्मचारियों में असंतोष और विरोध को बढ़ावा दे सकती है। इसलिए संगठन ने सभी पक्षों से अनुरोध किया है कि वे मामले को बातचीत और समझौते के माध्यम से शीघ्र हल करें और कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच विश्वास और सहयोग को बनाए रखें।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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