पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार ने अपने नए बजट में राज्य के सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, महिलाओं और पूर्व पत्रकारों के लिए बड़े और महत्वपूर्ण ऐलानों का पिटारा खोल दिया है। विधानसभा में बजट भाषण के दौरान पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने कई ऐसी घोषणाएं की हैं, जो सीधे तौर पर आम जनता और सरकारी कर्मचारियों की जेब पर सकारात्मक असर डालने वाली हैं। इस बजट की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित हाइलाइट रही राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance - DA) में की गई ऐतिहासिक बढ़ोतरी। लंबे समय से डीए बढ़ाने की मांग कर रहे कर्मचारियों को सरकार ने एक बड़ा तोहफा दिया है, जिससे उनके वेतन में बंपर इजाफा होने जा रहा है।
एक झटके में इतनी हुई बढ़ोतरी
इस बजट का सबसे बड़ा और मुख्य आकर्षण महंगाई भत्ते (DA) में 20 फीसदी की भारी बढ़ोतरी रहा। वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने घोषणा की कि राज्य सरकार के कर्मचारियों, अर्ध-सरकारी (Semi-Government) कर्मचारियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों (Non-Teaching Staff) के डीए में 20% का अतिरिक्त इजाफा किया जा रहा है। इस शानदार बढ़ोतरी के बाद अब राज्य में कुल महंगाई भत्ता 18 फीसदी से सीधे उछलकर 38 फीसदी (38%) पर पहुंच गया है। कर्मचारियों के साथ-साथ सरकार ने बुजुर्गों और पेंशनभोगियों का भी पूरा ख्याल रखा है। राज्य के पेंशनर्स को भी अब 20 फीसदी अतिरिक्त महंगाई राहत (Dearness Relief - DR) का लाभ मिलेगा। सरकार का यह बढ़ा हुआ डीए और डीआर का फैसला 1 अक्टूबर 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू कर दिया जाएगा, जिससे त्योहारी सीजन से ठीक पहले कर्मचारियों के घर में खुशियों की सौगात आएगी।
1 लाख जॉब्स
कर्मचारियों के भत्ते के अलावा सरकार ने राज्य में रोजगार के मोर्चे पर भी एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में वादा किया कि पश्चिम बंगाल सरकार जल्द ही राज्य के विभिन्न विभागों में खाली पड़े 1 लाख सरकारी पदों (1 Lakh Govt Vacancies) पर बंपर भर्तियां करेगी। बेरोजगार युवाओं के लिए यह एक सुनहरा मौका साबित होगा। इस घोषणा की सबसे खास बात यह है कि इन 1 लाख सरकारी नौकरियों में से 33 फीसदी (33%) पद विशेष रूप से महिलाओं के लिए आरक्षित रखे जाएंगे। सरकार के इस कदम से न सिर्फ युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि सरकारी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और महिला सशक्तिकरण को भी बहुत मजबूती मिलेगी।
बजट में समाज के अन्य वर्गों, जैसे पत्रकारों और राजनीतिक बंदियों के लिए भी सामाजिक सुरक्षा के तहत पेंशन की नई योजनाएं शुरू की गई हैं। सरकार के नए नियमों के मुताबिक, अब राज्य के रिटायर्ड (सेवानिवृत्त) पत्रकारों को हर महीने ₹5,000 की मासिक पेंशन दी जाएगी। इसके साथ ही, अतीत में राजनीतिक कारणों या आंदोलनों की वजह से जेल की सजा काट चुके लोगों के सम्मान में सरकार ने उन्हें ₹10,000 प्रति माह की पेंशन देने का बड़ा फैसला किया है। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए वित्त मंत्री ने विधायकों के लोकल Area डेवलपमेंट फंड (MLA LAD Fund) को भी सालाना ₹70 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹1 करोड़ करने का ऐलान किया है, जिससे अब विधायक अपने क्षेत्रों में सड़कों, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास और बेहतर ढंग से कर सकेंगे।
