8वें वेतन आयोग में ₹58,500 मिनिमम सैलरी का फॉर्मूला क्या है? 8th Pay Commission को लेकर जानें जरूरी बातें
- Edited by: आलोक कुमार
- Updated Jan 27, 2026, 11:21 AM IST
8th Pay Commission: देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारी नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अब कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें सरकार के पास भेजनी शुरू कर दी है। हालांकि, अभी सरकार की ओर से कोई अधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
8वें वेतन आयोग
8th Pay Commission: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) लागू करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इसके तहत जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC JCM) की नेशनल काउंसिल, स्टाफ साइड ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों की ओर से अपना मेमोरेंडम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बता दें कि जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC JCM) की नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) केंद्र सरकार के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। यह एक आधिकारिक प्लेटफॉर्म है जिसके जरिए कर्मचारी यूनियन और फेडरेशन वेतन, भत्ते, सर्विस की शर्तों और वेलफेयर से जुड़े मामलों पर सरकार के सामने अपनी मांगें रखती हैं। NC JCM (स्टाफ साइड) ने घोषणा की है कि 8वें वेतन आयोग को सौंपे जाने वाले मेमोरेंडम को तैयार करने की प्रक्रिया और तरीकों पर चर्चा करने और फैसला करने के लिए 25 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में एक मीटिंग होगी। हर पे कमीशन के लिए, NC JCM (स्टाफ साइड) एक जरूरी भूमिका निभाता है, जिसमें वह एक डिटेल्ड मेमोरेंडम सबमिट करता है जो सभी मंत्रालयों और विभागों के कर्मचारियों की सामूहिक मांगों को दिखाता है। यह डॉक्यूमेंट पे कमीशन के लिए अपनी सिफारिशें बनाते समय मुख्य रेफरेंस पॉइंट्स में से एक बन जाता है।
फिटमेंट फैक्टर फिर से चर्चा में
8वें वेतन आयोग की चर्चा जैसे तेज हुई है, फिटमेंट फैक्टर की बात होने लगी है। फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन (FNPO) ने नेशनल काउंसिल (जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी, स्टाफ साइड) को एक लेटर भेजा है, जिसमें 8वें वेतन आयोग के लिए अपनी मांग बताई गई हैं। FNPO ने A, B, C और D पोस्टल कर्मचारियों के लिए फिटमेंट फैक्टर 3.0 से 3.25 तक रखने की मांग की है। आसान शब्दों में, फिटमेंट फैक्टर मौजूदा बेसिक सैलरी और पेंशन पर लागू होने वाला एक मल्टीप्लायर है, जिससे रिवाइज्ड आंकड़े मिलते हैं। इस नंबर में छोटे से बदलाव का भी सैलरी, पेंशन, महंगाई भत्ता और भविष्य के इंक्रीमेंट पर बड़ा असर पड़ता है।
उदाहरण के लिए, मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है:
2.0 का फिटमेंट फैक्टर इसे बढ़ाकर ₹36,000 कर देगा
3.0 का फैक्टर इसे ₹54,000 तक ले जाएगा
3.25 का फैक्टर इसे लगभग ₹58,500 (₹18,000 × 3.25) तक पहुंचा देगा
7वें वेतन आयोग के तहत, 2.57 के फिटमेंट फैक्टर ने न्यूनतम सैलरी को ₹7,000 से बढ़ाकर ₹18,000 कर दिया था, जिससे पता चलता है कि यह एक नंबर इतना महत्वपूर्ण क्यों है। हालांकि, यह बताना जरूरी है कि अभी सरकार की ओर से गठित कमेटी ने कोई फिटमेंट फैक्टर फाइनल नहीं किया है। वहीं, कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने इसे लगभग 1.8 बताया है। एम्बिट कैपिटल को 30–34% सैलरी बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिसका मतलब है कि फैक्टर 1.8 और 2.46 के बीच होगा। इसके बावजूद, कई कर्मचारी महंगाई और बढ़ती जीवन लागत का हवाला देते हुए, अपनी उम्मीदों को 7वें CPC के 2.57 के हिसाब से तय कर रहे हैं।
आगे क्या होगा?
अब जब कर्मचारी संगठन 3.0 या उससे ज्यादा के फिटमेंट फैक्टर के लिए दबाव डाल रहे हैं, ज्यादतर एनालिस्ट का मानना है कि आखिरी सिफारिश 2.0 और 2.5 के बीच कहीं तय होने की संभावना है, जो कर्मचारियों की उम्मीदों और वित्तीय मजबूरियों के बीच संतुलन बनाएगी।
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