Tesla May Get Indirect Entry In India:लंबे समय से भारत में एंट्री की कोशिश कर रही टेस्ला (Tesla) की भारत में इनडायरेक्ट एंट्री कर सकती हैं। इसके लिए भारत सरकार Apple का मॉडल अपना सकती है। जिसके जरिए चीन को बड़ा झटका लगा है। यानी सरकार एप्पल की तरह टेस्ला के कई चाइनीज कंपोनेंट मैन्यूफैक्चर्स का भारत में एंट्री का रास्ता खोल सकती है। असल में भारत सरकार ने एप्पल के वेंडर को भारत में मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में खास तरजीह दी थी। जिसका फायदा यह हुआ कि आज भारत एप्पल के लिए न केवल बड़ा बाजार बन गया है बल्कि वह कंपनी के लिए बड़ा निर्यात हब बनता जा रहा है।
चीन को लगेगा झटका
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार इस मामले में विचार कर रही है कि एप्पल जैसा मॉडल अपनाकर भारत में टेस्ला के चाइनीज वेंडर की एंट्री कराई जाय। हालांकि इसके तहत किसी खास कंपनी को विशेष छूट नहीं मिलेगी। यानी टेस्ला को स्पेशल छूट के जरिए भारत में एंट्री नहीं दी जाएगी। लेकिन अगर चाइनीज वेंडर भारत में शिफ्ट होना चाहते हैं तो उन्हें एप्पल जैसी तरजीह दी जा सकती है। ऐसा कर टेस्ला के लिए भारत में एप्पल जैसा कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग का इकोसिस्टम तैयार हो सकता है।
इसके तहत भारत में बैटरी सेल आदि जैसे क्रिटिकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा सकता है। लेकिन रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि सरकार के तरफ से किसी तरह का अलग से कोई टैक्स इंसेटिव नहीं दिया जाएगा।
एलम मस्क चाहते हैं टैक्स में छूट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाल के अमेरिका दौरे के बाद एक बार फिर टेस्ला के भारत में एंट्री की उम्मीद बढ़ गई है। इसके तहत भारत के सरकार के अधिकारियों और टेस्ला के सीनियर अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है। लेकिन टैक्स इंसेटिव को लेकर बात अटकी हुई है। असल में टेस्ला के मालिक एलन मस्क भारत में पूरी तरह से असेंबल कर आयात की गई कार 20 फीसदी की टैक्स छूट चाहते हैं। लेकिन इसके लिए अलग से कंपनी को कोई स्पेशल छूट देने को तैयार नहीं है।
