बिजनेस

TCS में बवाल, टॉप लेवल पर इस्तीफों की झड़ी; घूस लेकर नौकरी देने का मामला

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Jun 23, 2023, 09:15 AM IST

TCS Bribes For Jobs Scandal: कंपनी में कर्मचारियों की भर्ती को लेकर एक घोटाले का मामला सामने आया है। कंपनी को अपनी पड़ताल में पता चला है कि कुछ सीनियर अधिकारियों ने हजारों खास कर्मियों को काम पर रखने के लिए स्टाफिंग फर्मों से रिश्वत ली और हेरफेर करते हुए भर्ती प्रक्रिया में समझौता किया था।

Image

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड

Photo : iStock

TCS Bribes For Jobs Scandal: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (TCS) ने पिछले तीन सालों में सालाना औसतन लगभग 50,000 लोगों को जॉब दी है। लेकिन अब इस कंपनी में कर्मचारियों की भर्ती को लेकर एक घोटाले का मामला सामने आया है। कंपनी को अपनी पड़ताल में पता चला है कि कुछ सीनियर अधिकारियों ने हजारों खास कर्मियों को काम पर रखने के लिए स्टाफिंग फर्मों से रिश्वत ली और हेरफेर करते हुए भर्ती प्रक्रिया में समझौता किया था। इस बात का खुलासा अंग्रेजी अखबार मिंट ने किया है।

अभी घोटाले की सटीक या कहें तो ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। इस मामले से संबंधित दो अधिकारियों ने कहा कि एक व्हिसलब्लोअर ने TCS के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) पर आरोप लगाया है कि ई.एस. चक्रवर्ती कंपनी के भर्ती डिपार्टमेंट, टीसीएस के संसाधन प्रबंधन समूह (RMG) के ग्लोबल प्रमुख सालों से स्टाफिंग फर्मों से कमीशन ले रहे थे।

बर्खास्त और ब्लैक लिस्ट में डालने की हुई कार्रवाई

शिकायत के बाद, कंपनी ने आरोपों की जांच के लिए तुरंत कंपनी के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी, अजीत मेनन सहित तीन अधिकारियों की एक टीम बनाई। हफ्तों की जांच के बाद, टीसीएस ने भर्ती प्रमुख को छुट्टी पर भेज दिया, RMG के चार अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया और तीन स्टाफिंग फर्मों को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है। हालांकि किस लेवल तक गड़बड़ी हुई है कंपनी को अभी तक इस पैमाने का पता नहीं चल पाया है, ऊपर दिए गए दो अधिकारियों में से एक ने कहा कि घोटाले में शामिल लोगों ने कमीशन के माध्यम से कम से कम 100 करोड़ रुपये कमाए होंगे। इन आरोपों और खुलासों की पुष्टी टाइम्स नाउ नवभारत हिन्दी डिजिटल नहीं करता है।

इतने कर्मचारियों की होती है भर्ती

हालांकि किन स्टाफिंग फर्म से पैसा लिया गया और किनको ब्लैक लिस्ट में डाला गया है इस बात की जानकारी सामने नहीं आई है। बता दें कि करीब 3,000-कर्मचारियों वाला मजबूत RMG डिवीजन, औसतन प्रति मिनट प्लेसमेंट के डेली प्रोजेक्ट पर लगभग 1,400 इंजीनियरों को नियुक्त करता है, जिनमें नए कर्मचारी भी शामिल हैं। TCS को पिछले साल 27.93 बिलियन डॉलर के रेवेन्यू मिला था और इसमें 614,795 कर्मचारी हैं। टीसीएस जैसी आईटी सेवा फर्मों के लिए अनुभवी अधिकारियों को नियुक्त करने के दो पसंदीदा तरीके कर्मचारी रेफरल कार्यक्रम और स्टाफिंग फर्म हैं। यहां तक कि अस्थायी श्रमिकों या ठेकेदारों को स्टाफिंग फर्मों के माध्यम से काम पर रखा जाता है।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

और पढ़ें
End of Article