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बिजनेस-इकोनॉमी क्लास में क्या है अंतर,जानें लोग क्यों दिखाते हैं टशन,सुधा मूर्ति का जवाब खोल देगा आंखें

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated May 11, 2023, 06:11 PM IST

Sudha Murthy Recalls The Airplane Incidents:सुधा मूर्ति ने द कपिल शर्मा शो शिरकत की और उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें उन्होंने एयरप्लेन में बिजनेस क्लास और इकोनॉमी क्लास को लेकर लोगों की मेंटलिटी के बारे में बातें की है। शो के प्रोमो ने उन्होंने यह भी बताया है कि हकीकत में क्लास क्या होता है।

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बिजनेस प्लास और इकोनॉमी क्लास के किराए में होता है भारी अंतर

Photo : iStock

Sudha Murthy Recalls The Airplane Incidents And Explain The Cattle Class Story:सुधा मूर्ति आज किसी परिचय की मोहताज नहीं है। समाज सेवा के क्षेत्र में किए गए काम के लिए उन्हें पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया है। सुधा इंफोसिस (Infosys) के को-फाउंडर नारायण मूर्ति (Narayana Murthy) की पत्नी हैं। साथ ही वह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की सास भी है। हाल ही में सुधा मूर्ति ने द कपिल शर्मा शो शिरकत की और उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें उन्होंने एयरप्लेन में बिजनेस क्लास और इकोनॉमी क्लास को लेकर लोगों की मेंटलिटी के बारे में बातें की है। शो के प्रोमो ने उन्होंने यह भी बताया है कि हकीकत में क्लास क्या होता है। और उन लोगों को नसीहत भी दी है कि केवल पैसे से क्लास तय नहीं होता है।

एयर प्लेन में टशन दिखाने का जरिया बना हुआ है बिजनेस क्लास

असल में आम तौर पर जब हवाई यात्रा करते हैं तो प्लेन में दो तरह का सिटिंग अरेंजमेंट होता है। इसमें एक बिजनेस क्लास होता है और दूसरा इकोनॉमी क्लास होता है। बिजनेस क्लास इकोनॉमी क्लास की तुलना में कहीं ज्यादा आरामदायक होता है। इसलिए उसका किराया 4-5 गुना तक ज्यादा होता है। आम तौर पर इसमें बिजनेसमैन और अमीर वर्ग यात्रा करता है। ऐसे में कई बार लोग इकोनॉमी क्लास में यात्रा करने वाले यात्रियों को कैटल क्लास यानी भेड़-बकरी वाले क्लास के रूप में संबोधित करते हैं। जैसा कि वाकया सुधामूर्ति ने द कपिल शर्मा शो में बताया है।

क्या होता है अंतर

-बिजनेस क्लास का किराया इकोनॉमी क्लास की तुलना में 4-5 गुना ज्यादा होता है।

-इसलिए एयरपोर्ट पर बिजनेस क्लास के यात्रियों को चेकिंग और प्लेन में चढ़ने के लिए इन्हें तरजीह दी जाती है।

-इसी तरह प्लेन में सबसे पहले इन्हें ही उतारा जाता है।

-एयरपोर्ट पर बिजनेस क्लास के लोगों को खास लाउंज की सुविधा मिलती है।लाउंज में खाने-पीने, न्यूज पेपर और इंटरनेट की सुविधा दी जाती है।

-इकोनॉमी क्लास के यात्रियों की तुलना में बिजनेस क्लास का खाना बेहतर होता है।

-बिजनेस क्लास की सीट इकोनॉमी क्लास की सीट की तुलना में बेहत आरामदेह होती है।

-कई एयरलाइंस विदेश यात्रा के रूट पर यात्रियों को बिजनेस क्लास में स्पेशल केबिन आदि की सुविधा भी देती हैं।

-बिजनेस क्लास के यात्रा इकोनॉमी क्लास की यात्रा में ज्यादा लगेज भी केबिन में ले जा सकते हैं।

Sudha Murthy Awarded Padma Bhushan

पद्म पुरस्कार ग्रहण करती सुधा मूर्ति

सुधा मूर्ति की बातें खोल देंगी आंखें

कपिल शर्मा के शो में कैटल क्लास कह मजाक उड़ाने वालों की कहानी शेयर करके हुए सुधामूर्ति ने कहा कि मैंने दोनों महिलाओं से जाकर पूछा कि कैटल क्लास क्या है? और उन्हें कहा कि क्लास इस बात पर निर्भर नहीं करता है कि आपके पास कितने पैसे हैं। क्लास का मतलब यह है कि आप अपने काम को कितनी श्रद्धा के साथ करते हैं। महान गणितज्ञ मंजुल भार्गव और मदर टेरेसा जैसे लोग क्लास हैं।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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