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Stock Market Today Closing: जीएसटी सुधारों के ऐलान से शेयर बाजार में रौनक, सेंसेक्स 676 अंक चढ़ा, निफ्टी में भी उछाल

Stock Market Today Closing : दिवाली तक जीएसटी स्लैब में बड़े सुधारों की घोषणा से उत्साहित वाहन एवं टिकाऊ उपभोक्ता कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त लिवाली से सोमवार को शेयर बाजारों में तेजी रही। सेंसेक्स 676 अंक और निफ्टी 246 अंक चढ़कर बंद हुआ।

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शेयर बाजार में उछाल (तस्वीर-istock)

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Stock Market Today Closing : दिवाली तक जीएसटी कर स्लैब में बड़े सुधारों की घोषणा से उत्साहित वाहन एवं टिकाऊ उपभोक्ता कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त लिवाली से सोमवार को शेयर बाजारों में तेजी रही। सेंसेक्स 676 अंक और निफ्टी 246 अंक चढ़कर बंद हुआ। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 676.09 अंक यानी 0.84 प्रतिशत बढ़कर 81,273.75 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,168.11 अंक चढ़कर 81,765.77 अंक पर पहुंच गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों सूचकांक निफ्टी भी 245.65 अंक यानी एक प्रतिशत चढ़कर 24,876.95 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 390.7 अंक की बढ़त के साथ 25,022 तक पहुंच गया था। विश्लेषकों ने कहा कि वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी की तरफ से भारत की साख को बढ़ाए जाने से भी निवेशक धारणा को बल मिला।

सेंसेक्स की कंपनियों में मारुति का शेयर सबसे अधिक 8.94 प्रतिशत के लाभ में रहा। बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर और ट्रेंट के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, आईटीसी, इटर्नल, टेक महिंद्रा और लार्सन एंड टुब्रो के शेयरों में गिरावट का रुख रहा।

वाहन खंड के शेयरों में भारी वृद्धि दर्ज की गई और यह 4.26 प्रतिशत तक उछल गया। हुंदै मोटर इंडिया का शेयर 8.45 प्रतिशत चढ़ा। केंद्र ने जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने पर गठित मंत्रिसमूह के समक्ष पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो-स्तरीय जीएसटी संरचना के साथ कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर 40 प्रतिशत की विशेष दर का भी प्रस्ताव रखा है। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर मंत्रिसमूह की 20 और 21 अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी में होने वाली दो दिवसीय बैठक में चर्चा की जाएगी।

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट सकारात्मक दायरे में बंद हुए, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजार दोपहर के सत्र में गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.62 प्रतिशत बढ़कर 66.25 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 1,926.76 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी। सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 57.75 अंक बढ़कर 80,597.66 अंक पर और निफ्टी 11.95 अंक बढ़कर 24,631.30 पर बंद हुआ था। शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहे थे।

बाजार में तेजी के प्रमुख कारण

जीएसटी सुधार

भारत सरकार व्यापारिक दबावों के बीच आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए जीएसटी सुधारों की योजना बना रही है, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार छोटी कारों पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% करने पर विचार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कुछ कर कटौतियों की घोषणा कर चुके हैं, जिससे मारुति सुजुकी जैसी कंपनियों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा, पेट्रोल-डीजल चालित कारों और बीमा प्रीमियम पर भी जीएसटी घटाने पर विचार किया जा रहा है। ये प्रस्ताव दिवाली तक लागू किए जा सकते हैं।

वैश्विक प्रतिकूलताओं में नरमी

रूस-यूक्रेन संघर्ष में संभावित शांति वार्ता या तनाव में कमी की उम्मीद के चलते वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख देखा जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि इससे कमोडिटी बाजारों को राहत मिल सकती है और वैश्विक महंगाई का दबाव भी कम हो सकता है।

अमेरिका की व्यापार नीति में बदलाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाई गई द्वितीयक टैरिफ्स पर पुनर्विचार करने के संकेत से निवेशकों की धारणा में सुधार आया है। इस कदम से खासतौर पर वस्त्र, ऑटो कलपुर्जों और रत्न व आभूषण जैसे क्षेत्रों में अमेरिका पर निर्भर भारतीय निर्यातकों को राहत मिल सकती है।

भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार

वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को बेहतर किया है। इसका कारण मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक स्थिति, घरेलू मांग में मजबूती और वित्तीय स्थिरता बताया गया है। इस रेटिंग अपग्रेड से भारत विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के लिए और अधिक आकर्षक बन गया है।

मजबूत घरेलू आर्थिक बुनियाद

भारत की जीडीपी में लगातार मजबूत वृद्धि, बेहतर कॉरपोरेट आय और खुदरा निवेशकों की सक्रिय भागीदारी बाजार को मजबूती प्रदान कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घरेलू ताकत भारत को वैश्विक अस्थिरता से बचा रही है।

एफआईआई से मिल रही लिक्विडिटी

विदेशी संस्थागत निवेशक हाल के कारोबारी सत्रों में लगातार नेट खरीदार बने हुए हैं। वैश्विक जोखिम लेने की भावना में सुधार और भारत की स्थिर आर्थिक स्थिति के चलते एफआईआई निवेशों में तेजी आई है, जिससे शेयर बाजार में लिक्विडिटी बढ़ी है।

(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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