Digital Fraud : डिजिटल युग में जहां तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, वहीं ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। सेल्सफोर्स साउथ एशिया की अध्यक्ष और सीईओ अरुंधति भट्टाचार्य ने इस बढ़ते खतरे पर चिंता जताई है। उन्होंने लोगों से हर समय सतर्क रहने और किसी भी असामान्य मांग या मैसेज पर तुरंत शक करने की सलाह दी है।
ग्राहक बन रहे हैं सबसे कमजोर कड़ी
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक भट्टाचार्य, जो एक अनुभवी बैंकर भी रह चुकी हैं, उन्होंने बताया कि डिजिटल धोखाधड़ी की सीरीज में अक्सर ग्राहक सबसे कमजोर कड़ी बन जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कई लोग अकेले होते हैं और नई तकनीकों या डिजिटल प्रक्रियाओं से पूरी तरह परिचित नहीं होते। अपराधी इसी अनजानपन का फायदा उठाकर उन्हें ऑनलाइन, फोन कॉल या नकली वेबसाइटों के जरिए ठग लेते हैं।
एआई से बढ़ा खतरा
उन्होंने यह भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल ने ठगों के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। अब धोखेबाज एआई की मदद से असली जैसी आवाजें, नकली प्रोफाइल, और विश्वसनीय दिखने वाले लिंक तैयार कर लेते हैं, जिससे लोग आसानी से फंस जाते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर तुरंत कार्रवाई करने से पहले उसकी जांच जरूर करनी चाहिए।
सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार
भट्टाचार्य ने लोगों से आग्रह किया कि वे किसी भी कॉल या मैसेज पर आंख बंद करके भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि अगर कोई कॉल या अनुरोध अजीब लगे, तो तुरंत कॉल काटें और उसकी सच्चाई की जांच करें। दोबारा पुष्टि करने में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के डिजिटल दौर में भोलापन नुकसानदायक हो सकता है।
जागरूकता से ही रोकथाम संभव
उन्होंने साइबर सुरक्षा और डिजिटल धोखाधड़ी के बारे में लोगों की जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उनका मानना है कि अगर ग्राहक सतर्क रहेंगे और हर संदिग्ध गतिविधि पर सवाल उठाएंगे, तो धोखेबाजों के लिए अपने मंसूबों में कामयाब होना मुश्किल हो जाएगा।
डिजिटल दुनिया में सुरक्षा के लिए केवल तकनीक पर निर्भर रहना काफी नहीं है। जागरूकता, सतर्कता और सही जानकारी ही असली सुरक्षा कवच हैं। अरुंधति भट्टाचार्य का संदेश स्पष्ट है हर समय सतर्क रहें, किसी भी असामान्य बात पर शक करें, और भोलापन छोड़कर समझदारी से काम लें।
