बिजनेस

इक्विटी म्यूचुअल फंड निवेश सितंबर में 10 प्रतिशत घटा, SIP रिकॉर्ड स्तर पर

Mutual Fund Investment: SIP के जरिये म्यूचुअल फंड योजनाओं में होने वाला योगदान सितंबर में बढ़कर 24,509 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया। अगस्त में यह 23,547 करोड़ रुपये था।

Image

एसआईपी निवेश

Photo : iStock

Mutual Fund Investment:इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में सितंबर के दौरान 34,419 करोड़ रुपये निवेश आया जो अगस्त की तुलना में 10 प्रतिशत की गिरावट है। यह अप्रैल के बाद इक्विटी योजनाओं का सबसे कम निवेश है। अप्रैल में निवेश 18,917 करोड़ रुपये रहा था।म्यूचुअल फंड निकाय ने कहा कि क्षेत्र आधारित कोष और बड़ी कंपनियों के कोष में निवेश में बड़ी गिरावट आने से मासिक स्तर पर गिरावट दर्ज की गई है।

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर, 2024 इक्विटी कोषों में शुद्ध प्रवाह का लगातार 43वां महीना रहा है।इसके साथ ही व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) के जरिये म्यूचुअल फंड योजनाओं में होने वाला योगदान सितंबर में बढ़कर 24,509 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया। अगस्त में यह 23,547 करोड़ रुपये था। एएमएफआई के मुख्य कार्यपालक वेंकट चलसानी ने कहा कि एसआईपी से निवेश में बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि निवेशक अब अनुशासित ढंग से निवेश कर संपत्ति सृजन को तरजीह दे रहे हैं।

सितंबर में निकासी ज्यादा

म्यूचुअल फंड उद्योग ने अगस्त महीने में 1.08 लाख करोड़ रुपये का निवेश देखा था जबकि सितंबर में 71,114 करोड़ रुपये की निकासी हुई। बॉन्ड योजनाओं से 1.14 लाख करोड़ रुपये की भारी निकासी होने से ऐसा हुआ।इस बड़ी निकासी के बावजूद म्यूचुअल फंड उद्योग की प्रबंधन-अधीन शुद्ध परिसंपत्तियां पिछले महीने बढ़कर 67 लाख करोड़ रुपये हो गईं जबकि अगस्त के अंत में यह 66.7 लाख करोड़ रुपये थीं।

आंकड़ों के मुताबिक, इक्विटी-केंद्रित योजनाओं में पिछले महीने 34,419 करोड़ रुपये का निवेश हुआ जो अप्रैल के बाद का सबसे निचला स्तर है। अगस्त के 38,239 करोड़ रुपये और जुलाई के 37,113 करोड़ रुपये की तुलना में यह प्रवाह काफी कम था।इक्विटी योजनाओं में जून और मई में क्रमशः 40,608 करोड़ रुपये और 34,697 करोड़ रुपये का निवेश आया था।

इक्विटी योजनाओं का हाल

इक्विटी योजनाओं के भीतर क्षेत्र आधारित कोषों ने समीक्षाधीन महीने में 13,255 करोड़ रुपये के उच्चतम शुद्ध प्रवाह के साथ निवेशकों को आकर्षित किया। हालांकि, अगस्त के 18,117 करोड़ रुपये की तुलना में प्रवाह कम रहा।इसके अलावा बड़ी कंपनियों से जुड़े कोषों में भी प्रवाह 2,637 करोड़ रुपये से घटकर 1,769 करोड़ रुपये रह गया।मॉर्निंगस्टार रिसर्च इंडिया में विश्लेषक एवं शोध प्रबंधक मेल्विन संतारिता ने कहा कि सबसे अधिक योजनाएं इंडेक्स फंड श्रेणी-13 में पेश की गईं जिन्होंने कुल 3,656 करोड़ रुपये जुटाए।इसके बाद क्षेत्र-आधारित कोषों का स्थान रहा, जिसमें चार नई योजनाएं शुरू की गईं और महीने के दौरान 7,842 करोड़ रुपये जुटाए गए।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article