SIP And Mutual Fund Investment In October:इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश अक्टूबर में मंथली आधार पर 42 प्रतिशत बढ़ा है।अक्टूबर में 19,957 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो साल 2023 में इक्विटी फंड में तीसरा सबसे बड़ा मंथली निवेश है। सितंबर में 14,091 करोड़ रुपये था। तेजी की वजह कई फंडों द्वारा एकमुश्त निवेश और स्मॉल और मिडकैप कैटेगीर में SIP निवेश से बड़ा बूस्ट देना है। अकेले इन कैटेगरी से 7,000 करोड़ रुपये निवेश हुआ है। कुल 19,957 करोड़ रुपये निवेश में से एसआईपी का योगदान 16,928 करोड़ रुपये रहा। जो सितंबर में 16,420.06 करोड़ रुपये रहा था। साफ है कि SIP लोगों की फेवरेट बना हुआ है।
शेयर बाजार की गिरावट का असर नहीं
भले ही अक्टूबर में शेयर बाजार में गिरावट का दौर रहा है, उसका असर म्युचुअल फंड निवेश पर नहीं दिखा है। मोतीलाल ओसवाल एएमसी के मुख्य व्यवसाय अधिकारी अखिल चतुर्वेदी ने कहा कि इस गिरावट के बावजूद इक्विटी म्यूचुअल फंडों ने लचीलापन प्रदर्शित करना जारी रखा और सितंबर में 14,091 करोड़ रुपये के मुकाबले 19,957 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण शुद्ध प्रवाह दर्ज किया।
स्मॉलकैप फंड को मिले 4,495 करोड़ रुपये के कोष से बढ़ावा मिला। इसके बाद थिमेटिक कोष में 3,896 करोड़ रुपये का प्रवाह आया।इक्विटी के अलावा, बॉन्ड आधारित योजनाओं में अक्टूबर में शुद्ध रूप से 42,634 करोड़ रुपये का निवेश आया। इससे पिछले दो माह के दौरान इस खंड से निकासी देखने को मिली थी। इस खंड से सितंबर में 1.01 लाख करोड़ रुपये और अगस्त में 25,873 करोड़ रुपये निकाले गए थे।कुल मिलाकर, 44 कंपनियों वाले म्यूचुअल फंड उद्योग में समीक्षाधीन महीने में 80,528 करोड़ रुपये का प्रवाह हुआ। वहीं सितंबर में उद्योग से 66,192 रुपये की निकासी हुई थी।
एक मुश्त निवेश ज्यादा
दिलचस्प बात यह है कि एसआईपी अब प्रवाह का एक बड़ा हिस्सा (बनाम एकमुश्त निवेश) के लिए जिम्मेदार हैं और अधिक संरचनात्मक हैं। इससे बाजार को काफी मजबूती मिलती है। अक्टूबर लगातार 32वां माह रहा है जबकि इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश का प्रवाह सकारात्मक रहा है।
