बिजनेस

Sharma Ji Ka Aata: दिलों पर छा गया बिना केमिकल वाला 'शर्मा जी का आटा', 1 चक्की से बन गए करोड़पति, शार्क टैंक इंडिया वाले भी फिदा

Sharma Ji Ka Aata, Shark Tank India: संगीता शर्मा की यात्रा 2016 में कई कठिनाइयों से प्रेरित होकर शुरू हुई। उनके बेटे को आंतों में गंभीर चोट लगी थी और उनके पति को दिल का दौरा पड़ा था। किराने की खरीदारी के दौरान, वह उपलब्ध आटे में रसायनों और एडिटिव्स की मौजूदगी से चिंतित हो गईं।

Image

शर्मा जी का आटा ब्रांड हुआ सफल

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • शर्मा जी का आटा ब्रांड हुआ सफल
  • 1 करोड़ पहुंचा रेवेन्यू
  • अनुपम मित्तल ने किया निवेश

Sharma Ji Ka Aata, Shark Tank India: पुणे का एक घर पर बने आटे के ब्रांड है ‘शर्मा जी का आटा’। इस आटा ब्रांड ने शार्क टैंक इंडिया से निवेश हासिल करने के बाद तेजी से ग्रोथ हासिल की है। इस ब्रांड की फाउंडर हैं संगीता शर्मा, जिनके इस डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) स्टार्टअप ने 18 महीनों के अंदर 1 लाख रुपये प्रति माह से लेकर लगभग 1 करोड़ रुपये तक का रेवेन्यू हासिल किया है। इस बिजनेस में निवेश करने वाले पीपल ग्रुप के फाउंडर और सीईओ अनुपम मित्तल ने हाल ही में लिंक्डइन पर स्टार्टअप के सफर की जानकारी दी।

ये भी पढ़ें -

'शर्मा जी का आटा' के पीछे क्या रही प्रेरणा

संगीता शर्मा की यात्रा 2016 में कई कठिनाइयों से प्रेरित होकर शुरू हुई। उनके बेटे को आंतों में गंभीर चोट लगी थी और उनके पति को दिल का दौरा पड़ा था। किराने की खरीदारी के दौरान, वह उपलब्ध आटे में रसायनों और एडिटिव्स की मौजूदगी से चिंतित हो गईं।

मित्तल के मुताबिक किराने की खरीदारी के एक दिन, वह यह देखकर चौंक गईं कि उपलब्ध आटा रसायनों और एडिटिव्स से भरा हुआ था। कोई भरोसेमंद विकल्प न मिलने पर, उन्होंने घर पर ही आटा पीसने का फैसला किया। शुरुआत में उन्होंने ऐसा कारोबार के तौर पर नहीं बल्कि अपने परिवार के स्वास्थ्य के लिए किया। हालांकि, जल्द ही उनके बिना मिलावट वाले आटे की चर्चा होने लगी और मांग बढ़ गई।

सफलता से मिली बड़ी सीख

स्टार्टअप की यात्रा के बारे में बताते हुए मित्तल ने सफल उद्यमियों से मिलने वाले तीन महत्वपूर्ण सबक बताए। सबसे पहले, वे अक्सर व्यक्तिगत समस्या को हल करके शुरुआत करते हैं। दूसरा, उनका ध्यान बहुत ज्यादा प्लानिंग के बजाय जुनून और प्रोडक्ट पर रहता है।

तीसरा उनके ब्रांड अपनी पहचान बनाए रखते हैं, जो ग्राहकों को पसंद आती है। मित्तल ने कंपनी के साथ अपने गहरे संबंध पर जोर देते हुए लिखा, "मेरे लिए, यह निवेश एक कारोबारी अवसर से कहीं अधिक बन गया है - यह एक मिशन है।" "शर्मा परिवार बन गए हैं, इतना कि वे मुझे प्यार से 'शर्माजी का बेटा' कहते हैं।"

जोरदार ग्रोथ और विस्तार

जब शर्मा जी का आटा शार्क टैंक इंडिया पर आया, तो यह पुणे में एक छोटी सी चक्की से चल रहा था, जिसका मासिक रेवेन्यू 1 लाख रुपये था। मित्तल ने इसकी क्षमता को पहचानते हुए स्टार्टअप में 40 लाख रुपये का निवेश किया। तब से, ब्रांड का काफी विस्तार हुआ है।

मित्तल ने कहा, "वे 20,000 वर्ग फुट के कारखाने से काम करते हुए, 1 करोड़ रुपये प्रति माह के करीब पहुंच रहे हैं, और एक सच्चे D2C पावरहाउस बनने के लिए तैयार हैं।"

संगीता बिजनेस की प्रोडक्ट साइड को मैनेज करती हैं, उनके बेटे, प्रणव और तनिष्क, ग्रोथ और विस्तार पर नजर रखते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि कंपनी बेहतर तरीके से आगे बढ़ती रहे।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

और पढ़ें
End of Article