घरेलू शेयर बाजार में कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन भी तेजी कायम रही। घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को भी उत्साह बना रहा। घरेलू शेयर बाजार ने आज 12 दिसंबर को शुरुआती कारोबार में ही मजबूती दिखाई। सेंसेक्स 314.47 अंकों की तेजी के साथ 85,132.60 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी भी 89.25 अंक या 0.34% की बढ़त के साथ 25,985.40 के लेवल पर कारोबार कर रहा है।
इससे पहले भारतीय शेयर बाजारों में 11 दिसंबर को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन दिन का अंत मजबूती के साथ हुआ। सुबह सेंसेक्स एक समय 222 अंक तक टूट गया था, जिससे बाजार में दबाव दिखा। हालांकि जल्द ही खरीदारी लौट आई और मार्केट ने तीन दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए शानदार रिकवरी की।
गुरुवार को भी आई थी तेजी
दिन भर के उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स कारोबार के दौरान 450 अंक तक उछला, जबकि निफ्टी 25,900 के ऊपर पहुंच गया। ब्रॉडर मार्केट में भी तेजी दिखी। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 0.79% तक चढ़े। आईटी, ऑटो और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली, जिसने मार्केट को सपोर्ट दिया। कारोबार खत्म होते-होते सेंसेक्स 426.86 अंक (0.51%) की मजबूत बढ़त के साथ 84,818.13 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 140.55 अंक (0.55%) चढ़कर 25,898.55 के स्तर पर बंद हुआ। कुल मिलाकर, शुरुआती गिरावट के बाद निवेशकों की वापसी ने बाजार को मजबूत समापन दिलाया।
इन 6 कारणों से उछला सेंसेक्स
वैल्यू बाइंग- लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी शुरू की। खास तौर पर आईटी, ऑटो, मेटल, रियल्टी, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर्स में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। मेटल इंडेक्स 1% तक उछला क्योंकि डॉलर कमजोर होने से कमोडिटी विदेशी खरीदारों के लिए सस्ती हुई। आईटी इंडेक्स में 0.9% की बढ़त हुई, जिसे अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती का समर्थन मिला। बैंक निफ्टी भी 0.7% बढ़कर मजबूत दिखा।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की उम्मीदें- भारत के चीफ इकनॉमिक एडवाइजर वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि अधिकांश व्यापारिक मुद्दे सुलझ चुके हैं और मार्च 2026 तक दोनों देशों के बीच समझौता हो सकता है। अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि ने भी भारत का प्रस्ताव “सबसे अच्छा” बताया, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती- US फेड ने बुधवार को ब्याज दर 25 बेसिस प्वाइंट घटाई, जो इस साल तीसरी कटौती थी। अब अमेरिकी ब्याज दरें पिछले तीन साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। अमेरिका में ब्याज दर घटने से भारत जैसे उभरते बाजारों में निवेश आकर्षक हो जाता है, जिससे आईटी और अन्य सेक्टर्स को समर्थन मिला।
वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) में गिरावट-गुरुवार को VIX करीब 2% गिरकर 10.74 पर आ गया। VIX का कम होना बाजार में अनिश्चितता कम होने का संकेत देता है और निवेशकों का मनोबल बढ़ाता है।
ग्लोबल बाजारों से सकारात्मक संकेत- अमेरिका में फेड की ब्याज दर कटौती के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी आई। इसके साथ ही एशियाई बाजारों में भी सुबह के कारोबार में तेजी देखने को मिली, जिससे भारतीय बाजारों को भी सपोर्ट मिला।
डेरिवेटिव्स की एक्सपायरी-गुरुवार को सेंसेक्स वीकली एक्सपायरी थी, जिसके चलते ट्रेडर्स ने पोजीशन क्लोज या रोलओवर की। इसका असर दिन भर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के रूप में देखा गया।
(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)
