बिजनेस

Share Market Today: एशिआई बाजारों में तेजी के बावजूद गिरावट पर खुले सेंसेक्स-निफ़्टी, आखिर क्यों सहमा बजार?

BSE Sensex Opening Today: एशियाई बाजारों में तेजी के बावजूद आज भारतीय शेयर बाजार सहमा हुआ नजर आया। शुरुआती कारोबार में ही बीएसई सेंसेक्स 175.49 अंक (-0.23%) की गिरावट के साथ 76,313.47 के स्तर पर खुलकर लाल निशान पर आ गया।

Image

Share Market

भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज कमजोरी के साथ हुई है। एशियाई बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों और तेजी के बावजूद, घरेलू शेयर बाजार (सेंसेक्स और निफ्टी) गिरावट के लाल निशान पर खुले हैं। आज 26 मई को बाजार खुलते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक BSE Sensex करीब 175.49 अंक (-0.23%) टूटकर 76,313.47 के स्तर पर आ गया। वहीं निफ़्टी 50 भी 42 अंकों की गिरावट के साथ 23,989.20 के लेवल खुला। वैश्विक स्तर पर मजबूती के बाद भी आखिर भारतीय बाजार में यह शुरुआती सहम और गिरावट क्यों देखी जा रही है, आइए जानते हैं इसके पीछे की मुख्य वजहें।

एशिआई बाजारों में गिरावट

मंगलवार को एशियाई-प्रशांत बाजारों में मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत हुई, जिसके पीछे अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में सफलता की उम्मीदें और निवेशकों का सकारात्मक रुख बड़ी वजह रहा। इस तेजी के बीच दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) शुरुआती ट्रेडिंग में 8,094.90 के नए रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंचा, जबकि वहां का स्मॉल-कैप सूचकांक कोस्डैक (Kosdaq) 2.12% की बढ़त बनाने में कामयाब रहा।

हालांकि, कुछ बाजारों में मुनाफावसूली का दबाव भी देखने को मिला। इसके चलते जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) सूचकांक 0.18% और टॉपिक्स (Topix) 0.36% नीचे खिसक गया। वहीं दूसरी ओर, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स (Hang Seng Index Futures) 25,430 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो शुक्रवार के बंद भाव 25,606.03 के मुकाबले मामूली कम है।

ताइवान ने भारतीय शेयर बाजार को पछाड़ा

ग्लोबल शेयर बाजार में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां ताइवान के शेयर बाजार ने कुल वैल्यूएशन (मार्केट कैप) के मामले में भारतीय शेयर बाजार को पीछे छोड़ दिया है। ब्लूमबर्ग के ताजा डेटा के अनुसार, ताइवान का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर 4.95 ट्रिलियन डॉलर (करीब 411 लाख करोड़ रुपये) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर, हालिया बिकवाली के दबाव के चलते सोमवार को बाजार बंद होने तक भारतीय शेयर बाजार का कुल मूल्यांकन गिरकर 4.92 ट्रिलियन डॉलर रह गया। इस बड़े उलटफेर के साथ ही ताइवान अब अमेरिका, चीन, जापान और हांगकांग के बाद दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है, जिसने भारतीय बाजार को छठे स्थान पर धकेल दिया है।

ताइवान की इस तूफानी रफ्तार और बढ़त के पीछे दुनिया की सबसे बड़ी चिपमेकर कंपनी 'ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी' (TSMC) के शेयरों में आई असाधारण तेजी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती वैश्विक मांग के कारण इस साल TSMC के शेयरों में 49% का भारी उछाल आया है, क्योंकि एआई चिप्स (सेमीकंडक्टर्स) के मामले में यह कंपनी ग्लोबल मार्केट में एकतरफा राज कर रही है। ताइवान के बेंचमार्क इंडेक्स में अकेले TSMC की हिस्सेदारी लगभग 42% है, जो वहां के बाजार में इसके भारी दबदबे को दर्शाती है। सरल शब्दों में कहें तो पूरी दुनिया में आए एआई (AI) बूम का सीधा फायदा ताइवान के शेयर बाजार को मिला है।

हालांकि, शेयर बाजार की इस वैल्यूएशन की रेस से इतर अगर वास्तविक अर्थव्यवस्था की बात की जाए, तो भारत का कद ताइवान के मुकाबले बहुत बड़ा और मजबूत है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के आधिकारिक अनुमानों के मुताबिक, भारत की 4.15 ट्रिलियन डॉलर की विशाल अर्थव्यवस्था ताइवान की महज 977 बिलियन डॉलर की जीडीपी के मुकाबले कई गुना बड़ी है। ऐसे में बाजार के जानकारों का मानना है कि शेयर बाजार में आया यह अंतर पूरी तरह से एआई (AI) और टेक सेंटिमेंट्स पर आधारित है, जबकि जमीनी स्तर पर भारत की आर्थिक बुनियाद आज भी ताइवान से कहीं ज्यादा व्यापक और सुरक्षित है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

End of Article