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Share Market Today: ट्रंप की जीत का उत्साह हुआ कम, शेयर बाजार लाल निशान के साथ बंद

पिछले दो दिनों से जारी शेयर मार्केट की रफ्तार आज थम गई। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 836.34 अंक यानी 1.04 प्रतिशत फिसलकर 79,541.79 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 958.79 अंक गिरकर 79,419.34 अंक पर आ गया था। आइये जानते हैं आज बाजार में क्या कुछ घटा।

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ट्रंप की जीत का उत्साह हुआ कम, शेयर बाजार लाल निशान के साथ बंद

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Share Market Today: स्थानीय शेयर बाजार में पिछले दो दिन से जारी तेजी का रुख गुरुवार को थम गया। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नीतिगत दर संबंधी निर्णय के पहले निवेशकों ने सतर्कता बरती जिससे सेंसेक्स 836 अंक टूट गया जबकि निफ्टी 285 अंक नीचे आ गया। विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव में विजयी होने को लेकर बना उत्साह फीका पड़ जाने से भी घरेलू बाजार की रफ्तार सुस्त पड़ गई। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 836.34 अंक यानी 1.04 प्रतिशत फिसलकर 79,541.79 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 958.79 अंक गिरकर 79,419.34 अंक पर आ गया था।

कहां कितनी हुई गिरावट

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 284.70 अंक यानी 1.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,199.35 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, जेएसडब्ल्यू स्टील, सन फार्मा, एशियन पेंट्स, इंडसइंड बैंक और आईसीआईसीआई बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट आई। सेंसेक्स की कंपनियों में से सिर्फ भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का शेयर ही लाभ के साथ बंद हुआ।

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ट्रंप की जीत का उत्साह पड़ा धीमा

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘घरेलू बाजार पिछले दिन हासिल बढ़त को गंवा बैठा। कंपनियों के दूसरी तिमाही के निराशाजनक नतीजों और विदेशी कोषों की लगातार बिकवाली से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।’’ नायर ने कहा कि ट्रंप की चुनावी जीत को लेकर पैदा हुआ उत्साह धीमा पड़ गया। इसके अलावा अब निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक के नतीजे पर टिक गई है। व्यापक बाजार में बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.67 प्रतिशत की गिरावट पर रहा जबकि स्मॉलकैप सूचकांक में 0.44 प्रतिशत का नुकसान दर्ज किया गया।

क्यों हुई गिरावट

बाजार में चौतरफा बिकवाली रही और सभी क्षेत्रवार सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। सर्वाधिक 2.54 प्रतिशत की गिरावट धातु खंड में रही जबकि जिंस खंड में 1.65 प्रतिशत और रियल्टी खंड में 1.45 प्रतिशत की गिरावट रही। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘अमेरिकी चुनाव के बाद नजरें अब फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजों और उसकी टिप्पणियों पर लगी हैं।’’

FII की बिकवाली रही जारी

रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में मिली जीत से पिछले कारोबारी दिवस पर दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी का माहौल रहा था। ट्रंप डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी कमला हैरिस को करारी शिकस्त देकर चार साल के अंतराल के बाद एक बार फिर राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली का सिलसिला जारी रहने से बाजार पर दबाव बना हुआ है। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, एफआईआई ने बुधवार को 4,445.59 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की।

अन्य बाजारों का क्या रहा हाल

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग के हैंगसेंग में तेजी रही, जबकि जापान का निक्की गिरावट के साथ बंद हुआ। यूरोपीय बाजार दोपहर के सत्र में सकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को तेज उछाल के साथ बंद हुए थे। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.33 प्रतिशत गिरकर 74.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। बुधवार को सेंसेक्स 901.50 अंक उछलकर 80,378.13 अंक पर और निफ्टी 270.75 अंक बढ़कर 24,484.05 अंक पर बंद हुआ था।

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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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