Sovereign Gold Bond: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2023-24 सीरीज-IV 12 फरवरी 2024 से सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन हो चुका है। SGB आमतौर पर सब्सक्रिप्शन समाप्त होने के 7 दिन बाद आवंटित किए जाते हैं। इसलिए यह सीरीज जारी करने की तारीख 21 फरवरी 2024 है। व्यक्तियों, एचयूएफ, ट्रस्ट, विश्वविद्यालयों और धर्मार्थ संस्थानों समेत निवेशक एसजीबी में निवेश करने के लिए पात्र हैं। आइए जानते हैं इसमें निवेश कैसे किया जाता है।
Sovereign Gold Bond पर टैक्सेशन
सॉवरेन गोल्ड बांड (SGB) में निवेश के लोकप्रिय तरीकों में से एक के रूप में उभरे हैं। सॉवरेन गोल्ड बांड 2023-24 सीरीज-IV 12 फरवरी 2024 से 16 फरवरी 2024 तक सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध है। आपके एसजीबी निवेश पर कैसे टैक्स लगाया जाता है?
Sovereign Gold Bond के टैक्स लाभ
अगर आप आठ साल की पूरी अवधि के लिए एसजीबी खरीदते हैं तो मैच्योरिटी पर कोई पूंजीगत लाभ टैक्स नहीं लगेगा। एसजीबी की मैच्योरिटी आय भी मैच्योरिटी पर टैक्स-फ्री होगी।
SGB में निवेश पर कैसे लगेगा टैक्स?
अगर आप मैच्योरिटी से पहले एसजीबी बेचते हैं तो उस पर पूंजीगत लाभ टैक्स लागू होगा। आईसीआईसीआई डायरेक्ट द्वारा जारी एफएक्यू के मुताबिक पूंजीगत लाभ टैक्स केवल मैच्योरिटी से पहले एसजीबी बेचने पर अर्जित लाभ पर लागू होता है।
SGB से ब्याज आय पर कैसे टैक्स लगेगा?
आपको आठ साल की अवधि के लिए अपने सॉवरेन गोल्ड बांड पर 2.5% प्रति वर्ष की निश्चित ब्याज दर मिलती है। ब्याज का भुगतान अर्ध-वार्षिक आधार पर किया जाता है। यह आय निवेशकों के लिए उनके संबंधित इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स योग्य है।
कैसे मिलता है इंडेक्सेशन लाभ
एसजीबी इंडेक्सेशन लाभ भी प्रदान करते हैं। अगर कोई निवेशक तीन साल से अधिक समय तक एसजीबी रखता है तो वह पूंजीगत लाभ पर इंडेक्सेशन के लाभ का दावा कर सकता है।
स्टॉक एक्सचेंज पर SGB बेचने पर टैक्स
अगर आप अपने एसजीबी को स्टॉक एक्सचेंज पर बेचते हैं तो सेक्युरिटीज लेनदेन टैक्स (STT) भी लागू होता है। एसटीटी स्टॉक एक्सचेंज पर लेनदेन की गई प्रतिभूतियों के मूल्य पर देय एक टैक्स है।
