बिजनेस

SEBI’s New Rules: SEBI ने तैयार किया रिटेल निवेशकों के लिए एल्गो ट्रेडिंग में नया फ्रेमवर्क, 1 अगस्त से होगा लागू

SEBI’s New Algo Trading Rules: कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने एल्गोरिथम ट्रेडिंग में रिटेल निवेशकों के लिए एक नया फ्रेमवर्क पेश किया है, जिसका मकसद निवेशकों की सुरक्षा को बढ़ाना, बाजार की इंटीग्रिटी को बनाए रखना, तेजी से ऑर्डर कंप्लीट करना और बेहतर लिक्विडिटी प्रोवाइड करना है।

Image

SEBI का नया सर्कुलर

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • SEBI का नया सर्कुलर
  • एल्गो ट्रेडिंग में नया फ्रेमवर्क
  • रिटेल निवेशकों के लिए होगा

SEBI’s New Algo Trading Rules: कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने एल्गोरिथम ट्रेडिंग में रिटेल निवेशकों के लिए एक नया फ्रेमवर्क पेश किया है, जिसका मकसद निवेशकों की सुरक्षा को बढ़ाना, बाजार की इंटीग्रिटी को बनाए रखना, तेजी से ऑर्डर कंप्लीट करना और बेहतर लिक्विडिटी प्रोवाइड करना है। ये नियम 1 अगस्त 2025 से प्रभावी होंगे। इसके अलावा, सेबी ने एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क भी पेश किया है जिसका मकसद निवेशकों, ब्रोकरों, एल्गो प्रोवाइडर्स/विक्रेताओं और मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस (एमआईआई) जैसे ट्रेडिंग इकोसिस्टम के मेन हितधारकों के अधिकारों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना है, ताकि रिटेल निवेशक अपेक्षित सुरक्षा उपायों के साथ एल्गो सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

ये भी पढ़ें -

क्या मिलेगी नयी सुविधा

सेबी ने कहा है कि एल्गो ट्रेडिंग में रिटेल निवेशकों की सुरक्षित भागीदारी को सुविधाजनक बनाने के लिए, जिसमें स्टॉक ब्रोकर और स्टॉक एक्सचेंज रिस्क मैनेजमेंट में आवश्यक भूमिका निभाएं, निवेशकों के हितों की रक्षा के साथ-साथ बाजार की इंटीग्रिटी को बनाए रखने के लिए जरूरी जांच और बैलेंस सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की समीक्षा और उसे रिफाइंज करने का निर्णय लिया गया है।

नए फ्रेमवर्क के तहत, रिटेल निवेशकों को केवल रजिस्टर्ड ब्रोकरों से अप्रूव्ड एल्गो तक एक्सेस मिलेगा, जिससे इन निवेशकों के हितों की रक्षा होगी।

ब्रोकर पूरी तरह जिम्मेदार होंगे

सेबी ने सर्कुलर में कहा कि एल्गो ट्रेडिंग से संबंधित निवेशकों की शिकायतों को संभालने और प्रतिबंधित गतिविधियों के लिए एपीआई की निगरानी के लिए ब्रोकर पूरी तरह जिम्मेदार होंगे। एफएंडओ ट्रेडिंग में सेबी की स्टडी से पता चला है कि वित्त वर्ष 24 में एफपीआई मुनाफे का लगभग 97 प्रतिशत और मालिकाना व्यापारी मुनाफे का 96 प्रतिशत एल्गो ट्रेडिंग से जनरेट हुआ था।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

और पढ़ें
End of Article