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सुब्रत राय सहारा के बाद 3 करोड़ निवेशकों के पैसों का क्या होगा, जानें क्या है कानूनी पोजीशन

Sahara Investors Money After Subrata Roy Death: असल में अभी सेबी द्वारा जब्त किए गए जब्त किए गए 24 हजार करोड़ रुपये में से 5000 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटाए जा रहे हैं। इसके लिए केंद्र सरकार ने निवेशकों के पैसे वापस कराने के लिए एक अलग से पोर्टल लांच किया है।

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सहारा में 3 करोड़ निवेशकों का पैसा फंसा

Sahara Investors Money After Subrata Roy Death: सहारा ग्रुप के चेयरमैन सुब्रत रॉय के निधन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि उसके 3 करोड़ निवेशकों के पैसों का क्या होगा। निवेशक यही सोच रहे हैं कि उनका पैसा डूबा जाएगा, या फिर रिफंड पोर्टल से शुरू की गई प्रक्रिया जारी रहेगी। असल में करीब 3 करोड़ निवेशकों ने सहारा की 4 कोऑपरेटिव सोसाइटीज में पूंजी जमा कर रखी है। और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने निवेशकों के रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत शुरूआत में अधिकतम 10 हजार रुपये का रिफंड दिया जा रहे हैं। करोड़ों निवेशक अब यह जानना चाहते हैं कि क्या रिफंड की प्रक्रिया जारी रहेगी या फिर वह पैसा अटक जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट की देख-रेख में रिफंड

सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों के फंसे पैसे को वापस दिलाने के निर्देश दे चुका है। और उसी के तहत सेबी के पास जब्त किए गए 24 हजार करोड़ रुपये में से 5000 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटाए जाएंगे।इसी साल मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने निर्देश दिया था कि सहारा समूह की को-ऑपरेटिव सोसायटीज द्वारा ठगे गए निवेशकों को पैसा लौटाया जाना चाहिए। पैसा लौटाने की पूरी प्रोसेस शीर्ष अदालत के न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी करेंगे। और उसके बाद सरकार ने रिफंड पोर्टल लांच कर निवेशकों के पैसे लौटाने की प्रक्रिया शुरू की है।

पोर्टल के जरिए रिफंड हो रहा है पैसा

असल में अभी सेबी द्वारा जब्त किए गए जब्त किए गए 24 हजार करोड़ रुपये में से 5000 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटाए जा रहे हैं। इसके लिए केंद्र सरकार ने निवेशकों के पैसे वापस कराने के लिए एक अलग से पोर्टल https://mocrefund.crcs.gov.in/ बनाया। इस पर अपना पैसे लेने के लिए आवेदन करने के बाद पैसा रिफंड किया जा रहा है।

सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए इन सहकारी समितियों में जमा पैसा वापस किया जा रहा है

1.सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड

2. सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड

3. हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड

4.स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड

इसके लिए निवेशकों को पोर्टल पर आवेदन करना है। और एक या सभी चार समितियों से संबंधित सभी दावों एक साथ सबमिट करना है। केवल ऑनलाइन आवेदनों पर विचार किया जाएगा। साथ ही दावा प्रस्तुत करने के लिए कोई शुल्क नहीं लेगा। किसी भी तकनीकी समस्या पर टोल फ्री नंबरों ( 1800 103 6891 / 1800 103 6893 ) पर संपर्क किया जा सकता है। इससे पहले सेबी ने 11 साल में सहारा की दो कंपनियों के निवेशकों को 138.07 करोड़ रुपये वापस किए हैं। चूंकि 24 हजार करोड़ से ज्यादा की रकम सेबी के पास है, ऐसे में चरणबद्ध तरीके से मंजूर आवेदकों को पैसा मिलना तय है। और इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश आ चुका है ऐसे में कोई कानूनी अड़चन नहीं है। इसके लिए खुद केंद्र सरकार रिफंड प्रक्रिया में शामिल है। ऐसे में निवेशकों को भरोसा रखना चाहिए।

कितने दिन में मिलेगा पैसा

अमित शाह ने निवेशकों को आश्वासन दिया था कि 45 दिनों के भीतर पैसा उनके बैंक खातों में जमा कर दिया जाएगा। मगर जिन लोगों ने कोई निवेश नहीं किया है उन्हें इस पोर्टल से किसी भी तरह से कोई रिफंड नहीं मिल सकता है, लेकिन जिन्होंने निवेश किया है उन्हें रिफंड जरूर मिलेगा। शाह ने यह भी अनुरोध किया था कि इस प्रोसेस से जुड़ी दो मुख्य शर्तें हैं। इनमें पहला, निवेशक का आधार कार्ड उनके मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए, और दूसरा, आधार कार्ड उनके बैंक खाते से जुड़ा होना चाहिए।

शुरुआत में केवल 10,000 रुपये वापस मिलेंगे। ऐसे में बहुत से लोगों के लाखों रु कई सालों से फंसे हैं। उनका क्या होगा, तो इसको लेकर कोई डेडलाइन है। लेकिन यह उम्मीद है कि धीरे-धीरे सभी के पूरे पैसे वापस किए जाएंगे।

TNN Business Desk
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