यूक्रेन से युद्ध का असर! श्रमिकों की कमी से जूझ रहा रूस, भारत से बुलाएगा 40000 से ज्यादा कामगार
- Authored by: रामानुज सिंह
- Updated Jan 27, 2026, 12:05 PM IST
Jobs In Russia: रूस में मजदूरों की भारी कमी को देखते हुए सरकार भारत से ज्यादा कामगार बुलाने की योजना बना रही है। नई रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल लगभग 40,000 भारतीय रूस में काम करने जा सकते हैं। डीडब्ल्यू.कॉम के अनुसार, पिछले साल के अंत तक 70,000 से 80,000 भारतीय पहले से ही रूस में विभिन्न कामों में लगे हुए थे।
रूस में भारतीयों के लिए नौकरी (तस्वीर-istock)
Jobs In Russia : यूक्रेन के साथ युद्ध लड़ रहे रूस इस समय गंभीर श्रमिक संकट से जूझ रहा है। वहां उद्योगों, नगरपालिकाओं और मैनुअल लेबर से जुड़े कामों के लिए पर्याप्त संख्या में कामगार नहीं मिल पा रहे हैं। इसी कमी को पूरा करने के लिए अब रूस की सरकार भारत जैसे दोस्त देशों की ओर रुख कर रही है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल 2026 में करीब 40,000 भारतीय नागरिक काम के लिए रूस जा सकते हैं।
रूस को चाहिए लाखों अर्ध-कुशल कामगार
रिपोर्ट के अनुसार, रूस में इस समय कम से कम 5 लाख अर्ध-कुशल कामगारों की जरूरत है। इसी वजह से मॉस्को भारत के साथ सहयोग बढ़ा रहा है। अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो इससे भारतीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और रूस की अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलेगा।
पहले से ही रूस में काम कर रहे हैं हजारों भारतीय
आईएएनएस के मुताबिक डीडब्ल्यू.कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 के अंत तक 70,000 से 80,000 भारतीय नागरिक पहले से ही रूस में अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे थे। ये भारतीय कामगार निर्माण, आईटी, फैक्ट्री, ट्रांसपोर्ट और नगरपालिका सेवाओं जैसे क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। रूस में बढ़ती उम्र की आबादी और स्थानीय युवाओं की कमी के कारण विदेशी कामगारों पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है।
भारत-रूस के बीच हुए अहम समझौते
पिछले साल दिसंबर में भारत और रूस के बीच दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे। पहला समझौता है एक देश के नागरिकों को दूसरे देश में अस्थायी रूप से काम करने की अनुमति। दूसरा समझौता अवैध प्रवासन से निपटने में सहयोग से जुड़ा है। इन समझौतों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय अर्ध-कुशल और कुशल कामगारों को रूस में कानूनी, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से रोजगार मिल सके।
धोखाधड़ी से मिलेगी सुरक्षा
इन नए समझौतों के बाद भारतीय कामगारों को पहले की तरह फर्जी एजेंटों, गलत वादों और शोषण का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार-स्तर पर बनी इस व्यवस्था से वीजा, काम की शर्तें और वेतन जैसी चीजें साफ-साफ तय होंगी। इससे भारत से रूस जाने वाले मजदूरों और पेशेवरों के लिए एक सुरक्षित ढांचा तैयार होगा।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर से सड़क मजदूर बनने का मामला
हाल ही में रूस में काम कर रहे एक युवा भारतीय सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल का मामला काफी चर्चा में रहा। रिपोर्ट के मुताबिक वह उन 17 भारतीय कामगारों में शामिल था जो कुछ महीने पहले सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे थे। लेकिन वहां उन्हें उनकी योग्यता के मुताबिक काम नहीं मिला और उन्हें सड़क रखरखाव जैसे कामों में लगा दिया गया। इस घटना ने विदेशी कामगारों की स्थिति पर सवाल खड़े किए थे।
सड़क रखरखाव कंपनी ने की थी भर्ती
रूस के ऐप-आधारित मीडिया प्लेटफॉर्म फोंटांका की रिपोर्ट के अनुसार, इन भारतीय कामगारों को सड़क रखरखाव कंपनी कोलोम्योज्स्कोये ने भर्ती किया था। उन्हें सड़क सफाई, मरम्मत और सर्दियों के दौरान बर्फ हटाने जैसे काम सौंपे गए। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि सही निगरानी न हो तो कुशल कामगारों का गलत इस्तेमाल हो सकता है।
रूस में क्यों बढ़ रही है विदेशी कामगारों की मांग
रूस के कई हिस्सों में श्रमिकों की भारी कमी देखी जा रही है। खासकर नगरपालिका सेवाओं, निर्माण कार्य और हाथ से किए जाने वाले कामों में स्थानीय लोग कम मिल रहे हैं। इसी वजह से रूस अब भारत, एशिया और अन्य दोस्त देशों से मजदूर बुलाने की योजना बना रहा है। वहीं यूक्रेन के साथ कई वर्षों से युद्ध लड़ रहे रूस में काफी लोगों ने जानें गवां दी है।
भारत के युवाओं पर रूस की नजर
इस बीच भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत का उद्यमशील माहौल बहुत मजबूत है और भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। उन्होंने कहा कि भारत के युवा, कुशल और मेहनती कामगार रूस में अनुमानित 30 लाख कुशल पेशेवरों की कमी को पूरा कर सकते हैं।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। बिज़नेस (Business News) अपडेट और आज का सोने का भाव (Gold Rate Today), आज की चांदी का रेट (Silver Rate Today) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।