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रुपये की दमदार वापसी, आज डॉलर के मुकाबले बड़ा उछाल, क्या अब शुरू होगी रिकवरी?

स्थानीय और वैश्विक शेयर बाजारों में बिकवाली के दबाव और व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच घरेलू विदेशी मुदा विनिमय बाजार में डॉलर की जोरदार मांग के कारण रुपये में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। बाजार सूत्रों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रौद्योगिकी शेयरों के आसपास हलचल को लेकर चिंताओं से भी निवेशकों की कारोबारी धारणा प्रभावित हुई।

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डॉलर बनाम रुपया

Dollar Vs Rupee: भारतीय रुपये ने आज दमदार वापसी की है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार गिरावट के बाद आज सोमवार को शुरुआती कारोबार में 47 पैसे की बढ़त के साथ 89.19 पर पहुंचा गया है। आपको बता दें कि अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले शुक्रवार को रुपया धराशायी हो गया था और डॉलर के मुकाबले यह 98 पैसे की जोरदार गिरावट के साथ 89 के स्तर को पार कर सर्वकालिक निचले स्तर 89.61 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

स्थानीय और वैश्विक शेयर बाजारों में बिकवाली के दबाव और व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच घरेलू विदेशी मुदा विनिमय बाजार में डॉलर की जोरदार मांग के कारण रुपये में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। बाजार सूत्रों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रौद्योगिकी शेयरों के आसपास हलचल को लेकर चिंताओं से भी निवेशकों की कारोबारी धारणा प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, विदेशी निधियों की ताजा धननिकासी से भी निराशा और बढ़ गई। लेकिन आज बड़ी तेजी लौटी है। ऐसे में क्या रुपये में गिरावट थम गई है? आगे क्या रिकवरी देखने को मिल सकती है? अगर रुपया और टूटता है तो इसका असर भारतीय इकोनॉमी और आपकी जेब पर क्या होगा? आइए इन सभी सवालों के जवाब देते हैं।

तीन साल के निचले स्तर पर पहुंचा था रुपया

शुक्रवार को रुपया तीन साल से ज्यादा समय में सबसे बड़ी गिरावट को दर्शाता डॉलर के मुकाबले 98 पैसे गिरकर आखिरकार 89.66 पर बंद हुआ था। इससे पहले एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट 24 फरवरी, 2022 को देखने को मिली थी जब डॉलर के मुकाबले रुपये में 99 पैसे की गिरावट दर्ज की गई थी।

क्यों रुपये में आई बड़ी गिरावट?

मेहता इक्विटीज लि. के उपाध्यक्ष (जिंस) राहुल कलंत्री के अनुसार, कमजोर वैश्विक जोखिम धारणा और अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता के चलते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अबतक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका में उम्मीद से बेहतर गैर-कृषि पेरोल आंकड़ों के साथ ब्याज दर में कटौती की उम्मीद कम होने तथा मजबूत डॉलर सूचकांक के साथ रुपये पर और दबाव पड़ा। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा शुल्क लगाए जाने के बाद उत्पन्न व्यापार अनिश्चितताओं के कारण घरेलू मुद्रा में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरावट आई है।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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