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विंडफॉल टैक्स की वापसी, कच्चे तेल पर सरकार वसूलेगी 6400 रुपये

Windfall Tax on Local Crude Oil Reimposed : सरकार ने क्रूड ऑयल पर फिर से विंडफॉल टैक्स लगा दिया है। ये टैक्स आज से लागू हो गया है। विंडफॉल टैक्स को हर 15 दिन में रिव्यू किया जाता है।

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क्रूड ऑयल पर फिर से लगेगा विंडफॉल टैक्स

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • क्रूड ऑयल पर फिर लगा विंडफॉल टैक्स
  • डीजल पर निर्यात शुल्क को किया गया खत्म
  • पहले डीजल के निर्यात पर टैक्स को किया गया था आधा

Windfall Tax on Local Crude Oil :केंद्र सराकर ने मंगलवार को एक बार फिर से घरेलू स्तर उत्पादित कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स लागू कर दिया है। सरकार ने 6,400 रु प्रति टन क्रूड ऑयल पर विंडफॉल टैक्स लगाने का ऐलान किया है। जहां एक तरफ से सरकार ने लोकल क्रूड ऑयल पर विंडफॉल टैक्स लगाया है तो वहीं दूसरी तरफ इसने डीजल पर निर्यात शुल्क को खत्म भी कर दिया है।

पेट्रोल और एटीएफ पर निर्यात शुल्क में छूट बरकरार

सरकार ने पेट्रोल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर निर्यात शुल्क में छूट जारी रखने का फैसला किया है। बता दें कि पिछले बदलाव में केंद्र ने घरेलू स्तर पर उत्पादित होने वाले पेट्रोल पर विंडफॉल प्रोफिट टैक्स को 'जीरो' कर दिया था, जबकि डीजल के निर्यात पर टैक्स को आधा घटा कर 0.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया था।

कब से लगेगा विंडफॉल टैक्स

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ने विंडफॉल टैक्स के मामले में एक अधिसूचना जारी की है, जिसके अनुसार ये शुल्क 19 अप्रैल से प्रभावी होगा। पिछले बदलाव में सरकार ने डीजल के निर्यात पर टैक्स को 1 रुपये से घटा कर 0.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया था। बता दें कि इस बार सरकार ने विंडफॉल टैक्स तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण लगाया है। तेल की कीमतों में 'ओपेक प्लस' के प्रोडक्शन में आश्चर्यजनक कटौती के बाद तेजी देखने को मिली है। गौरतलब है कि पिछले दो हफ्तों में तेल की औसत कीमतों के आधार पर हर पखवाड़े (15 दिन) टैक्स रेट की समीक्षा की जाती है।

कैसे होती है सरकार की कमाई

भारत में विंडफॉल टैक्स की शुरुआत 1970 के दशक में की गई थी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसे उन बिजनेसों पर लगाया जाता है जो असामान्य तौर पर ज्यादा राजस्व कमाते हैं। ये टैक्स इन बिजनेसों के प्रॉफिट पर लगता है। ये टैक्स एक बार लगाया जाता है। असल में अगर सरकार देखे कि किसी इंडस्ट्री की इनकम में अचानक तेजी आई है तो वो यह टैक्स लगा देती है। इससे उस इंडस्ट्री की कंपनियों के प्रॉफिट का एक हिस्सा सरकार को मिलता है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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