RBI Monetary Policy:भारतीय रिजर्व बैंक चुनाव नतीजों के बाद पहली मौद्रिक नीति पेश करने जा रहा है। नई सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले पूर्ण बजट से पहले की इस मौद्रिक नीति में आरबीआई क्या ब्याज दरों में कटौती पर राहत देगा, इसी पर सबकी नजर रहेगी। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने फरवरी, 2023 से रेपो रेट को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मुद्रास्फीति की चिंताओं के बीच आरबीआई नीतिगत दर पर यथास्थिति बनाए रखेगा। ऐसे में अगर नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं होता है तो फिर EMI पर राहत नहीं मिलने वाली है।
क्या है उम्मीद
असल में अभी भी महंगाई दर आरबीआई के तय मानक से ज्यादा है। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति मई में पांच प्रतिशत रहने (आंकड़ा इस महीने के दूसरे सप्ताह जारी होगी) का अनुमान है। इसके पहले अप्रैल में खुदरा मुद्रास्फीति 4.83 प्रतिशत रही थी। इसे देखते हुए आरबीआई कटौती से बचेगा। इसके अलावा विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि आर्थिक वृद्धि में तेजी आ रही है, ऐसे में एमपीसी नीतिगत दर में कटौती से बच सकती है। हालांकि, यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ कनाडा ने अपनी-अपनी प्रमुख नीतिगत दरों में कटौती शुरू कर दी है।
ऐसे में कब मिलेगा सस्ते कर्ज का तोहफा
एसबीआई के रिसर्च पेपर के अनुसार, केंद्रीय बैंक को उदार रुख को वापस लेने के अपने निर्णय पर बरकरार रहना चाहिए। ‘एमपीसी बैठक की प्रस्तावना’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में उम्मीद जतायी गई कि आरबीआई चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में रेपो दर में कटौती करेगा और ‘यह कटौती कम रहने की संभावना है। ’इसमें यह भी कहा गया है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति मई में पांच प्रतिशत के करीब रहने की उम्मीद है और उसके बाद जुलाई में घटकर तीन प्रतिशत रह जाएगी।
आरबीआई से उम्मीदों के बारे में हाउसिंग डॉट कॉम और प्रॉपटाइगर डॉट कॉम के समूह मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था ने अपना मजबूत प्रदर्शन जारी रखा है और 2023-24 में 8.2 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर हासिल की है, जो 2022-23 में सात प्रतिशत थी।उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर यह उम्मीद की जाती है कि आरबीआई एमपीसी मौजूदा मुद्रास्फीति दबावों के बीच अपने वर्तमान नीतिगत रुख को बनाए रखेगी और इस वर्ष ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम ही नजर आ रही है।
