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RBI Monetary Policy 2024: आरबीआई क्या चुनावों के बाद देगा सस्ते कर्ज का तोहफा, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

RBI Monetary Policy: असल में अभी भी महंगाई दर आरबीआई के तय मानक से ज्यादा है। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति मई में पांच प्रतिशत रहने (आंकड़ा इस महीने के दूसरे सप्ताह जारी होगी) का अनुमान है। इसके पहले अप्रैल में खुदरा मुद्रास्फीति 4.83 प्रतिशत रही थी। इसे देखते हुए आरबीआई कटौती से बचेगा।

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आरबीआई की मौद्रिक नीति आज

RBI Monetary Policy:भारतीय रिजर्व बैंक चुनाव नतीजों के बाद पहली मौद्रिक नीति पेश करने जा रहा है। नई सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले पूर्ण बजट से पहले की इस मौद्रिक नीति में आरबीआई क्या ब्याज दरों में कटौती पर राहत देगा, इसी पर सबकी नजर रहेगी। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने फरवरी, 2023 से रेपो रेट को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मुद्रास्फीति की चिंताओं के बीच आरबीआई नीतिगत दर पर यथास्थिति बनाए रखेगा। ऐसे में अगर नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं होता है तो फिर EMI पर राहत नहीं मिलने वाली है।

क्या है उम्मीद

असल में अभी भी महंगाई दर आरबीआई के तय मानक से ज्यादा है। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति मई में पांच प्रतिशत रहने (आंकड़ा इस महीने के दूसरे सप्ताह जारी होगी) का अनुमान है। इसके पहले अप्रैल में खुदरा मुद्रास्फीति 4.83 प्रतिशत रही थी। इसे देखते हुए आरबीआई कटौती से बचेगा। इसके अलावा विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि आर्थिक वृद्धि में तेजी आ रही है, ऐसे में एमपीसी नीतिगत दर में कटौती से बच सकती है। हालांकि, यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ कनाडा ने अपनी-अपनी प्रमुख नीतिगत दरों में कटौती शुरू कर दी है।

ऐसे में कब मिलेगा सस्ते कर्ज का तोहफा

एसबीआई के रिसर्च पेपर के अनुसार, केंद्रीय बैंक को उदार रुख को वापस लेने के अपने निर्णय पर बरकरार रहना चाहिए। ‘एमपीसी बैठक की प्रस्तावना’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में उम्मीद जतायी गई कि आरबीआई चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में रेपो दर में कटौती करेगा और ‘यह कटौती कम रहने की संभावना है। ’इसमें यह भी कहा गया है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति मई में पांच प्रतिशत के करीब रहने की उम्मीद है और उसके बाद जुलाई में घटकर तीन प्रतिशत रह जाएगी।

आरबीआई से उम्मीदों के बारे में हाउसिंग डॉट कॉम और प्रॉपटाइगर डॉट कॉम के समूह मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था ने अपना मजबूत प्रदर्शन जारी रखा है और 2023-24 में 8.2 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर हासिल की है, जो 2022-23 में सात प्रतिशत थी।उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर यह उम्मीद की जाती है कि आरबीआई एमपीसी मौजूदा मुद्रास्फीति दबावों के बीच अपने वर्तमान नीतिगत रुख को बनाए रखेगी और इस वर्ष ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम ही नजर आ रही है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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