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प्रॉपर्टी खरीदारों का बढ़ा भरोसा, हाउसिंग सेंटिमेंट इंडेक्स में उछाल, प्लॉट्स से ज्यादा बिल्डर फ्लोर की मांग: मैजिकब्रिक्स रिपोर्ट

₹1–1.5 करोड़ के बीच कीमत वाले मिड-मार्केट हाउसिंग सेगमेंट की मांग सबसे तेजी से बढ़ी है। इस सेगमेंट में 149 HSI दर्ज किया गया है। वहीं, 39% खरीदार ₹20–75 लाख की कीमत में और 39% ₹75 लाख–₹1.5 करोड़ में घरों को पसंद करते हैं। मिड-सेगमेंट अब मांग का सबसे बड़ा ड्राइवर है।

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प्रॉपर्टी खरीदार(Istock)

रियल एस्टेट मार्केट में मजबूती बनी हुई है। मैजिकब्रिक्स की रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है। मैजिकब्रिक्स की नवीनतम हाउसिंग सेंटीमेंट इंडेक्स (HSI) रिपोर्ट JAS 2025 के अनुसार, भारत का हाउसिंग बाजार मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। पिछली बार हाउसिंग सेंटीमेंट इंडेक्स156 से गिरकर 138 तक पहुंचने के बाद फिर इसमें उछाल आया है। इस बार HSI 142 पर वापस आ गया है। इससे पता चलता है कि घर की बढ़ी हुई कीमतों के बाद होम बायर्स घर खरीद रहे हैं।

सर्वे में शहर रैंकिंग में बदलाव हुआ है। चेन्नई शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शहर के रूप में उभरा है, उसके बाद नोएडा/ग्रेटर नोएडा और कोलकाता हैं। अफोर्डेबल और उच्च संभावनाओं वाले बाजार तेजी से पारंपरिक लक्जरी हब से आगे निकल रहे हैं, जिन्हें इंफ्रा स्ट्रक्चर डेवलपमेंट, वाणिज्यिक विकास और नई परियोजना लॉन्च से बूस्ट मिल रहा है। इसलिए, मेट्रो के आसपास के क्षेत्र अधिक होम बायर्स को आकर्षित कर रहे हैं, क्योंकि खरीदार अच्छी तरह से कनेटेक्ड बाहरी इलाकों में सस्ते घर की तलाश कर रहे हैं।

₹1–1.5 करोड़ के बीच कीमत वाले मिड-मार्केट हाउसिंग सेगमेंट की मांग सबसे तेजी से बढ़ी है। इस सेगमेंट में 149 HSI दर्ज किया गया है। वहीं, 39% खरीदार ₹20–75 लाख की कीमत में और 39% ₹75 लाख–₹1.5 करोड़ में घरों को पसंद करते हैं। मिड-सेगमेंट अब मांग का सबसे बड़ा ड्राइवर है।

प्लॉट से ज्यादा बिल्डर फ्लोर की मांग

संपत्ति के प्रकार की पसंद भी विकसित हो रही है, बिल्डर फ्लोर की मांग प्लॉट से आगे निकल रही है। सेमी-फर्निश्ड घर और कॉम्पैक्ट, साइज यानी 500–1,000 वर्ग फुट के घर तेजी से होम बायर्स को पसंद आ रहे हैं जो व्यावहारिक लेकिन महत्वाकांक्षी रहने की जगहों के लिए बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती हैं।

मिलेनियल और जेन Y घरों की मांग बढ़ाने में सबसे आगे हैं, लेकिन जनरेशन Z और बेबी बूमर्स स्थिर उच्च HSI (हाउसिंग सेंटिमेंट इंडेक्स) वाले समूह बने हुए हैं। स्थिर क्षेत्रों में काम करने वाले पेशेवरों में उच्च सेंटिमेंट देखा गया, जबकि ₹10–30 लाख वार्षिक आय वाले समूह में सबसे मजबूत हाउसिंग सेंटिमेंट दर्ज किया गया। यह वृद्धि मुख्य रूप से बढ़ती आय और कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को मिस न करने के डर (FOMO) से प्रेरित थी।

रियल एस्टेट बना वेल्थ क्रिएटर

मैजिकब्रिक्स के सीईओ सुधीर पाई ने कहा कि हाउसिंग सेंटिमेंट में यह सुधार भारत के रियल एस्टेट मार्केट में लचीलेपन को दर्शाता है। कीमतें और ब्याज दरें स्थिर होने के साथ, खरीदार रियल एस्टेट को सुरक्षित और लंबी अवधि की संपत्ति में वेल्थ क्रिएटर के रूप में देख रहे हैं। उत्साहजनक बात यह है कि मिड-सेगमेंट की मजबूती बढ़ रही है और भारतीय शहरों में नए विकास हब उभर रहे हैं। ऐसे डेवलपर्स, जो वैल्यू, स्पेस और कनेक्टिविटी प्रदान कर सकते हैं, इस नए विश्वास का अधिकतम लाभ उठाने में सबसे आगे होंगे।”

HSI रिपोर्ट JAS 2025 यह दर्शाती है कि बाजार ट्रांजिशन की स्थिति में है, जहां इच्छाएं बढ़ रही हैं लेकिन निर्णय अधिक सोच-समझकर लिए जा रहे हैं। कीमतों की अपेक्षाएं स्थिर हैं और अधिकांश खरीदार 6–10% तेजी की उम्मीद कर रहे हैं। इसके साथ ही भारत का हाउसिंग मार्केट वेल्थ क्रिएशन और सेफ्टी के लिए एक पसंदीदा एसेट क्लास के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करता जा रहा है।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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