अगर आप एक रिस्क फ्री और गारंटीड रिटर्न वाली सेविंग स्कीम की तलाश में हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। पोस्ट ऑफिस की सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प हो सकती है। जहां एक तरफ पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) जैसी योजनाएं लोगों के बीच लोकप्रिय हैं, वहीं अब सरकार की यह योजना सबसे ज्यादा 8.2% सालाना ब्याज दे रही है, जो सभी छोटी बचत योजनाओं में सबसे ऊंची ब्याज दर है।
क्या है स्कीम?
सुकन्या समृद्धि योजना भारत सरकार द्वारा बेटियों के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई एक बचत योजना है। इस योजना का उद्देश्य लड़की की शिक्षा और विवाह से जुड़ी बड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद करना है। इस स्कीम के तहत 10 साल से कम उम्र की लड़की के नाम पर खाता खोला जा सकता है। खाता उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक खोल सकते हैं।
कितने रुपए कर सकते हैं निवेश
इस योजना में आप सालाना ₹250 से लेकर ₹1.5 लाख तक जमा कर सकते हैं। इसका मतलब है कि छोटे स्तर से लेकर बड़े स्तर तक की बचत करने वालों के लिए यह योजना एकदम उपयुक्त है। इसमें निवेश की गई राशि पर 8.2% सालाना ब्याज मिलता है, जो PPF (7.1%) और NSC (7.7%) से कहीं ज्यादा है।
कब मिलेगा पैसा?
इस योजना की परिपक्वता अवधि 21 साल है, जो खाता खोलने की तारीख से गिनी जाती है। हालांकि, बेटी की 18 साल की उम्र के बाद उसकी उच्च शिक्षा या शादी के लिए आंशिक निकासी की अनुमति मिलती है। यदि बेटी की शादी 18 साल के बाद होती है, तो खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है।
कितना मिलेगा ब्याज?
हाल ही में, वित्त मंत्रालय ने घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के लिए इस योजना की ब्याज दर 8.2% पर स्थिर रखी गई है। इसका मतलब है कि वर्तमान में सभी सरकारी छोटी बचत योजनाओं में यह योजना सबसे ऊंचा ब्याज प्रदान कर रही है।
टैक्स भी बचेगा
सुकन्या समृद्धि योजना EEE कैटेगरी में आती है। इसका मतलब है कि इसमें जमा की गई राशि, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम तीनों पूरी तरह टैक्स फ्री होती हैं। इसके तहत आप हर साल की गई निवेश राशि पर धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं।
कहां कुलवा सकते हैं अकाउंट?
यह खाता आप डाकघर, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), HDFC, ICICI, और अन्य अधिकृत बैंकों में खुलवा सकते हैं। एक राज्य से दूसरे राज्य या बैंक से डाकघर में इसे आसानी से ट्रांसफर भी किया जा सकता है।
