देश की सबसे बड़ी फिनटेक कंपनियों में शामिल Phone pe के IPO को लेकर यह साफ हो गया है कि कंपनी यह इश्यू अपने मौजूदा शेयरधारकों को हिस्सेदारी घटाकर उन्हें प्रॉफिट बुक करने के लिए लेकर आ रही है। कंपनी के प्रमुख शेयरधारक वॉलमार्ट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल फाइनेंस कंपनी मिलकर करीब 10,115 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी बेचेंगे। ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह जानकारी कंपनी के अपडेटेड DRHP में सामने आई है।
पूरा इश्यू OFS होगा, कंपनी को नहीं मिलेगा नया फंड
रिपोर्ट में अपडेटेड DRHP के हवाले से बताया गया है कि फोनपे का यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित होगा। इसका मतलब है कि आईपीओ के जरिए जुटाई जाने वाली पूंजी में से कंपनी को कुछ भी नहीं मिलेगा। बल्कि, इश्यू के जरिए हिस्सेदारी बाजार में बेचने वाले निवेशकों को पैसा मिलेगा।
कौन कितनी हिस्सेदारी बेच रहा?
प्रमोटर यूनिट बेचेगी 0.12% हिस्सेदारी : फोनपे की प्रमोटर यूनिट डब्ल्यूएम डिजिटल कॉमर्स होल्डिंग्स पीटीई लिमिटेड (WM Digital Commerce Holdings Pte Ltd) इस ऑफर में अपनी करीब 0.12 प्रतिशत हिस्सेदारी घटाएगी। इसके तहत कंपनी 4,59,42,496 शेयरों की बिक्री करेगी। यह सिंगापुर स्थित कंपनी है और वॉलमार्ट के नियंत्रण में बताई गई है।
ये भी घटाएंगे हिस्सेदारी : आईपीओ में टाइगर ग्लोबल पीआईपी 9-1 (Tiger Global PIP 9-1) भी अपनी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। दस्तावेजों के अनुसार, टाइगर ग्लोबल पीआईपी 9-1 की तरफ से 10,39,160 शेयर बिक्री पेशकश के जरिये बेचे जाएंगे। वहीं माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल फाइनेंस अनलिमिटेड कंपनी (Microsoft Global Finance Unlimited Company) 36,78,790 शेयर OFS के तहत बाजार में उतारेगी।
कुल 10,115.87 करोड़ रुपये के शेयर बेचने का अनुमान
कुल मिलाकर, इस ऑफर फॉर सेल IPO के जरिए करीब 10,115.87 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिक्री का अनुमान है। कंपनी ने यह मूल्यांकन प्रति शेयर के वेटेड एवरेज एक्विजिशन प्राइस (Weighted Average Acquisition Price) के आधार पर किया है।
क्यों अहम है यह IPO
फोनपे का यह आईपीओ इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह इश्यू कंपनी के लिए फंड जुटाने के बजाय मौजूदा निवेशकों के एग्जिट और हिस्सेदारी घटाने का रास्ता खोलेगा। बाजार की नजर इस बात पर भी रहेगी कि लिस्टिंग के वक्त फोनपे का वैल्यूएशन क्या रहता है और निवेशक इस फिनटेक कंपनी के बिजनेस मॉडल को किस तरह से प्राइस करते हैं।
डिजिटल पेमेंट स्पेस में PhonePe की मजबूत मौजूदगी
फोनपे भारत के बड़े डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स में शामिल है और यूपीआई ट्रांजैक्शन में इसकी मजबूत पकड़ रही है। ऐसे में इसके आईपीओ से फिनटेक सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
