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Multibagger Dividend Stock: 6 साल में 5800% से ज्यादा रिटर्न, अब 22 रुपये का डिविडेंड

आईटी सेक्टर का यह शेयर निवेशकों के लिए एक बार फिर चर्चा में है। बीते वर्षों में हजारों फीसदी का रिटर्न देने वाली Persistent Systems ने अपने शेयरधारकों को बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹22 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 27 जनवरी तय की गई है। मजबूत ऑर्डर बुक, बढ़ता रेवेन्यू और लंबी अवधि में मल्टीबैगर रिटर्न के चलते यह शेयर आज बाजार की नजर में बना हुआ है।

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मल्टीबैगर रिटर्न दे चुका है ये स्टॉक

आईटी सेक्टर की मजबूत मिड-कैप कंपनी Persistent Systems एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है। बीते वर्षों में मल्टीबैगर रिटर्न देने वाले इस शेयर ने अब ₹22 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी का शेयर 23 जनवरी को ₹6,108 के स्तर पर बंद हुआ, जहां से यह अपने ऑल-टाइम लो की तुलना में करीब 5,850 फीसदी का रिटर्न दे चुका है।

Persistent share Price

Persistent share Price

कैसा है शेयर प्राइस मोमेंटम?

Persistent Systems का शेयर 7 मई 2021 को ₹1,129.35 के स्तर पर था। इसके बाद कंपनी के बिजनेस स्केल-अप, डिजिटल और क्लाउड सेगमेंट में मजबूत पकड़ और लगातार डील विन्स के दम पर शेयर ने लंबी छलांग लगाई। मौजूदा स्तर पर कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹96,240 करोड़ है। स्टॉक का P/E रेशियो 55.18 है, जो हाई ग्रोथ IT कंपनियों के वैल्यूएशन को दर्शाता है। 52 हफ्तों में शेयर ने ₹4,148.95 से ₹6,599 के दायरे में ट्रेड किया है।

डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹22 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया है। इसके लिए 27 जनवरी 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है। यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, वही इस डिविडेंड के पात्र होंगे। कंपनी के मुताबिक, डिविडेंड का भुगतान घोषणा की तारीख से 30 दिनों की वैधानिक समय-सीमा के भीतर कर दिया जाएगा। मौजूदा भाव पर कंपनी का डिविडेंड यील्ड करीब 0.61 फीसदी है।

Q3FY26 के नतीजे

दिसंबर 2025 तिमाही में Persistent Systems का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस मजबूत रहा। कंपनी का रेवेन्यू ₹3,780 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 23.38 फीसदी की बढ़त को दिखाता है। इस दौरान नेट इनकम ₹439.45 करोड़ रही, जिसमें 17.82 फीसदी की सालाना ग्रोथ दर्ज की गई। डायल्यूटेड EPS बढ़कर ₹27.94 हो गया, जो पिछले साल की तुलना में 16.76 फीसदी ज्यादा है। हालांकि, बढ़ती लागत और कुछ वन-टाइम फैक्टर्स के चलते कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन घटकर 11.63 फीसदी रह गया, जो सालाना आधार पर 4.52 फीसदी की गिरावट को दर्शाता है।

मैनेजमेंट आउटलुक

कंपनी मैनेजमेंट के मुताबिक, डेटा, क्लाउड और डिजिटल इंजीनियरिंग से जुड़ी डिमांड मजबूत बनी हुई है। बड़े और ज्यादा कॉम्प्लेक्स क्लाइंट एंगेजमेंट्स की हिस्सेदारी बढ़ रही है, जिससे रेवेन्यू विजिबिलिटी में सुधार हो रहा है। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन पर फोकस से आगे चलकर ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ने की उम्मीद है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत

Persistent Systems ने जहां एक तरफ लंबी अवधि में असाधारण रिटर्न दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ लगातार डिविडेंड और मजबूत फाइनेंशियल ग्रोथ से निवेशकों का भरोसा बनाए रखा है। हालांकि, मौजूदा वैल्यूएशन और मार्जिन ट्रेंड्स को देखते हुए शॉर्ट टर्म में शेयर में उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता। लॉन्ग टर्म निवेशक कंपनी के बिजनेस मॉडल और ग्रोथ आउटलुक पर नजर बनाए रख सकते हैं।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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