Loan Penalty Charges By Bank: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोन अकाउंट पर पेनाल्टी चार्ज को लेकर जो गाइडलाइन्स जारी की थी वह 1 अप्रैल से लागू हो गई हैं। ये नया नियम बैंक और फाइनेंस कंपनियों को लोन डिफॉल्ट या किसी दूसरे नॉन कंम्प्लायंस की वजह से लोन लेने वाले से पेनाल्टी लेने में सख्ती करने से रोकते हैं। आम तौर पर बैंक समान मासिक किस्तों (EMI) के भुगतान में देरी पर ग्राहकों से पेनॉल्टी लेते हैं। इसके अलावा लोनदाता विकल्प के रूप में ब्याज दर में अतिरिक्त कॉम्पोनेंट शामिल भी करते हैं। जिस पर आरबीआई ने रोक लगा दी है। ऐसे में आज हम आपको देश में पर्सनल लोन पर सबसे ज्यादा लेट पेमेंट चार्ज या लोन पेनाल्टी चार्ज लेने बैंकों के बारे में बता रहे हैं।
भारत में पर्सनल लोन पर लोन पेनाल्टी चार्ज और फीस
| बैंक का नाम | पेनाल्टी चार्ज | |
| 1 | HDFC बैंक | हर महीने 2 फीसदी |
| 2 | कोटक महिंद्रा बैंक | 3% प्रति माह |
| 3 | भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) | प्रत्येक ईएमआई मिस होने पर 500 रुपये के साथ अन्य टैक्स |
| 4 | यस बैंक | डिफॉल्ट की तारीख से बकाया राशि पर 24% प्रति वर्ष |
| 5 | इंडसइंड बैंक | 450 रुपये + टैक्स |
पेनाल्टी चार्ज और पेनाल्टी ब्याज के बीच क्या अंतर है?
बैंक अक्सर पेनाल्टी चार्ज और पेनाल्टी ब्याज दरों के रूप में जुर्माना लगाते हैं। पेनाल्टी चार्ज एक निश्चित भुगतान चार्ज है और इस पर ब्याज में नहीं लिया जाता है । जबकि पेनाल्टी ब्याज, ग्राहक से ली जाने वाली मौजूदा ब्याज दर में जोड़ी जाने वाली दर है।
डिस्केलेमर: यहां दी गई जानकारी बैंक बाजार से ली गई है। टाइम्स नाउ नवभारत डॉट कॉम इस डेटा की पुष्टि नहीं करता है। कृपया ज्यादा जानकारी के लिए अपने बैंक की शाखा से संपर्क करें।
