Paytm News:आरबीआई के निर्देश के अनुसार, पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर 15 मार्च 2024 के बाद कई तरह के लेनदेन पूरी तरह रुक जाएंगे। हालांकि, कुछ सर्सिस जारी रहेंगी। इसके ग्राहकों को ग्राहकों को सलाह दी गई है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक में मौजूद राशि को दूसरे बैंक खाते में भेज दें। हालही में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने निवेशकों से कहा कि वे अपने पेटीएम बैंक खाते के बजाय अन्य बैंकों में खोले गए खातों को ट्रेडिंग सदस्यों के पास रजिस्टर करें। बीएसई का कहना है कि निवेशक पेटीएम बैंक पर लगे प्रतिबंध उन निवेशकों को प्रभावित कर सकते हैं, जिनके पास पीपीबीएल के पंजीकृत बैंक खाते हैं।
शेयर निवेशकों के लिए क्या है सलाह
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने निवेशकों को पेटीएम बैंक खाते के बजाय अन्य बैंकों में खोले गए खातों को ट्रेडिंग सदस्यों के पास रजिस्टर करने की बात कही है। बीएसई ने कहा कि निवेशकों को सूचित किया जाता है कि पेटीएम बैंक पर लगे प्रतिबंध उन निवेशकों को प्रभावित कर सकते हैं, जिनके पास पीपीबीएल के पंजीकृत बैंक खाते हैं।
ये सेवाएं बंद हो जाएंगी
- ग्राहक पेटीएम बैंक वॉलेट या खाते में पैसे जमा नहीं होंगे लेकिन शेष राशि निकाली जा सकेगी।
- पेटीएम बैंक खाते या वॉलेट से फास्टैग या अन्य किसी तरह के टॉप-अप अथवा रिचार्ज नहीं करवा सकेंगे।
- वेतन या सरकारी सब्सिडी की राशि जमा नहीं होगी। इसके लिए अन्य बैंक का विकल्प चुनना होगा।
- पेटीएम बैंक या वॉलेट से जुड़े क्यूआर कोड का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
- ग्राहक UPI और IMPS सर्विस का उपयोग करके भी खाते में राशि जमा नहीं कर पाएंगे।
ये सेवाएं मिलती रहेंगी
- खाते में रिफंड, कैशबैक, साझेदार बैंकों से स्वीप-इन या ब्याज जमा करने की अनुमति होगी।
- यदि खाते और वॉलेट में शेष राशि उपलब्ध रहती है तो उसका इस्तेमाल किया जा सकेगा
- बिजली बिल, ओटीटी सब्सक्रिप्शन और लोन की ईएमआई तब तक चुका सकेंगे, जब तक बैंक खाते में पैसे रहेंगे
- पेटीएम पेमेंट्स बैंक वॉलेट का उपयोग मर्चेंट पेमेंट के लिए भी मान्य रहेगा।
- ग्राहक के पास वॉलेट को बंद करने या फिर दूसरे खाते में शेष राशि को भेजने का विकल्प रहेगा।
पेटीएम में फिर होगी छंटनी
पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस अपने सालाना आधार पर होने वाला परफॉर्मेंस रिव्यू करने वाली है। ऐसे में इस रिव्यू में कंपनी के कई डिपार्टमेंट से कर्मचारियों की छंटनी की जा सकती है। हालांकि इस छंटनी से कितने लोगों की नौकरी जाएगी इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है। वहीं कुछ विभागों को अपनी टीम का आकार 20 प्रतिशत तक कम करने के लिए कहा गया है। खबर विस्तार से पढ़ने के क्लिक करें।
