OYO की मूल कंपनी प्रिज्म को प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के तहत नए निर्गम के जरिये 6,650 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है। यात्रा एवं होटल बुकिंग से जुड़े प्रौद्योगिकी मंच के शेयरधारकों ने 20 दिसंबर, 2025 को आयोजित आम बैठक (ईजीएम) में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। ईजीएम में शेयरधारकों ने आईपीओ लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी जिससे कंपनी को उपयुक्त समय पर सार्वजनिक बाजारों से पूंजी जुटाने में मजबूती मिलेगी। हालांकि, अभी यह नियामकीय स्वीकृतियों एवं बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। ईजीएम की मंजूरी प्रिज्म के सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध होने की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण कदम को दर्शाती है।
इन कंपनियों को भी मिली सेबी से मंजूरी
निर्माण कंपनी धारीवाल बिल्डटेक, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर एवं डेटा सेंटर सेवा प्रदाता ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन और बीएलएस पॉलीमर्स को बाजार नियामक सेबी से आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से धन जुटाने की मंजूरी मिल गई है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की ओर से मंगलवार को दी जानकारी के अनुसार, ये तीनों आईपीओ पूरी तरह से नए निर्गम पर आधारित होंगे जिसमें बिक्री पेशकश (ओएफएस) का कोई घटक शामिल नहीं होगा।
कंपनियों ने अप्रैल और सितंबर के बीच सेबी के पास अपने आईपीओ लाने के लिए दस्तावेज दाखिल किए थे। 15-19 दिसंबर के बीच इन्हें सेबी से इसकी मंजूरी मिल गई।
कंपनियों के आईपीओ दस्तावेजों के अनुसार, धारीवाल बिल्डटेक का आईपीओ 950 करोड़ रुपये के शेयर का नया निर्गम होगा। बीएलएस पॉलीमर्स भी 1.7 करोड़ शेयर का नया निर्गम पर आधारित आईपीओ लाएगा। वहीं ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन कंपनी अपने आईपीओ के जरिये 600 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। यह भी नए निर्गम पर आधारित होगा। इन कंपनियों के शेयर बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध होंगे।
