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नासिक में औंधे मुंह गिरे प्याज के दाम! 1 से 4 रुपये किलो बेचने को मजबूर किसान, आखिर क्यों?

प्याज ने महाराष्ट्र के किसानों की आंखों में खून के आंसू ला दिए हैं। एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी, नासिक में हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि जो प्याज 'लाल सोना' कहलाता था, वह अब कौड़ियों के भाव बिक रहा है।

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प्याज के दाम

प्याज की कीमतों में बड़ी गिरावट आ गई है। कभी लाखों लोगों को रुलाने वाला प्याज अब खुद रो रहा है। बता दें कि नासिक की मंडियों में प्याज की कीमत गिरकर 1 से 4 रुपये किलो पहुंच गई है। व्यापारियों एवं किसान समूहों के अनुसार, औसत गुणवत्ता वाला प्याज फिलहाल कई एपीएमसी में 800 से 1,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रहा है जबकि कुछ किस्मों की कीमत एक से चार रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर गई है। किसानों का कहना है कि मंडियों में नीलामी प्रक्रिया में बाधा के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और कृषि संकट गहराता जा रहा है।

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसान परेशान

महाराष्ट्र के किसान बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को हुए नुकसान के बाद बढ़ती परेशानी का सामना कर रहे हैं। वहीं, प्याज की कीमतें जिसे राज्य में अक्सर "लाल सोना" कहा जाता है, कई मंडियों में गिरकर 1 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं, जिससे किसानों में गुस्सा है। महाराष्ट्र के बड़े हिस्सों में मार्च और अप्रैल के दौरान बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे 1.59 लाख एकड़ से अधिक कृषि भूमि पर रबी की फसलें खराब हो गईं। सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्रों में नासिक, अहमदनगर और मराठवाड़ा के कुछ हिस्से शामिल हैं, जहां प्याज, गेहूं, आम, काजू, अंगूर और अनार की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।

इनमें से प्याज किसानों को सबसे ज्यादा मार पड़ी है। बताया जा रहा है कि लगभग 44,000 हेक्टेयर में प्याज की खेती प्रभावित हुई है, जबकि रिकॉर्ड उत्पादन, कमजोर निर्यात, भंडारण के अपर्याप्त बुनियादी ढांचे और घटती मांग के कारण बाजार कीमतें पूरी तरह से गिर गई हैं।

मंडी समिति को भंग करने की मांग

किसानों को प्याज की सही कीमत नहीं मिलने से भारी नुकसान हो रहा है। इसको देखते हुए किसानों के एक संगठन ने महाराष्ट्र के नासिक जिले में नंदगांव कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) को तत्काल भंग करने की मंगलवार को मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि यह समिति प्याज की नीलामी कराने में विफल रही है। सोमवार को किसानों ने नंदगांव एपीएमसी परिसर के बाहर ट्रैक्टर-भर प्याज फेंककर प्रशासन और व्यापारियों के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि नासिक जिले की कई मंडियों में थोक प्याज की कीमतें टूटी हैं जिसके कारण उत्पादकों को लागत और परिवहन खर्च तक नहीं मिल पा रहा है।

बाजार समिति निष्क्रिय हो चुकी

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने मंगलवार को जारी बयान में आरोप लगाया कि बाजार समिति निष्क्रिय हो चुकी है और कठिन समय में नेतृत्व ने जिम्मेदारी छोड़ दी है।

संघ ने कहा कि नंदगांव बाजार समिति इस समय केवल कागजों पर मौजूद है। संचालन पर कोई प्रशासनिक नियंत्रण नहीं है और चेयरमैन का कोई पता नहीं है। स्थिति पूरी तरह अव्यवस्थित हो गई है जहां अधिकारियों ने किसानों की परेशानियों से मुंह मोड़ लिया है।’ प्याज उत्पादक संघ ने कहा कि कृषि उपज की नीलामी कराने में समिति की विफलता दर्शाती है कि उसका बोर्ड अपनी मुख्य जिम्मेदारी निभाने में असफल रहा है।

संघ ने मांग की है कि अगर समिति किसानों की उपज की नीलामी कराने में सक्षम नहीं है तो पूरे निदेशक मंडल को अयोग्य घोषित कर संस्था को भंग किया जाना चाहिए। सरकार तुरंत प्रशासक नियुक्त करे और लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित करे। क्षेत्र में बढ़ते असंतोष के बीच यह मांग सामने आई है। संघ ने जल्द राहत कदम नहीं उठाए जाने पर आंदोलन और तेज करने की धमकी दी है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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