NVIDIA : दुनिया की अग्रणी अमेरिकी चिप निर्माता कंपनी एनवीडिया (NVIDIA) ने एक नया इतिहास रच दिया है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण अब 5 लाख करोड़ डॉलर (5 ट्रिलियन डॉलर) के आंकड़े को पार कर गया है, जिससे यह ऐसा मुकाम हासिल करने वाली दुनिया की पहली कंपनी बन गई है। महज तीन महीने पहले ही एनवीडिया ने 4 लाख करोड़ डॉलर का स्तर पार किया था और अब उसने अपनी ही रफ्तार को पीछे छोड़ दिया है। एनवीडिया की इस ऐतिहासिक छलांग के पीछे कृत्रिम मेधा (Artificial Intelligence - AI) के क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक मांग और उसके द्वारा बनाए जा रहे उन्नत चिपसेट्स की अहम भूमिका है।
एआई की दुनिया में एनवीडिया की भूमिका
कृत्रिम मेधा तकनीक आज के दौर की सबसे तेजी से बढ़ती टैक्नोलॉजी में से एक बन चुकी है। इस बदलाव के केंद्र में एनवीडिया के ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) हैं, जिन्हें एआई मॉडल्स के प्रशिक्षण और संचालन में व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एआई के क्षेत्र में एनवीडिया का प्रभाव 2007 में एप्पल के पहले आईफोन लॉन्च के बाद तकनीकी जगत में आई सबसे बड़ी क्रांति जैसा है। जिस तरह आईफोन ने उपभोक्ता तकनीक को नया आयाम दिया, उसी तरह एनवीडिया एआई के भविष्य को आकार दे रही है।
एप्पल के नक्शे कदम पर एनवीडिया
एप्पल ने अपने आईफोन की सफलता के दम पर क्रमशः एक, दो और तीन लाख करोड़ डॉलर बाजार पूंजी वाली पहली कंपनी बनने का गौरव हासिल किया था। अब एनवीडिया ने उस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एक और ऐतिहासिक स्तर छू लिया है। टेक उद्योग में इसे ‘एआई सुपरसायकल’ कहा जा रहा है, जिसमें एनवीडिया अग्रणी भूमिका निभा रही है। इसकी चिप्स दुनिया भर के डेटा सेंटर्स, क्लाउड सर्विस प्रदाताओं और एआई डेवलपर्स के लिए अनिवार्य बन चुकी हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक विशेषज्ञ इसे 18 साल पहले एप्पल के दिवंगत संस्थापक स्टीव जॉब्स द्वारा पहले आईफोन की पेशकश के बाद प्रौद्योगिकी जगत का सबसे बड़ा बदलाव बता रहे हैं। एप्पल आईफोन की व्यापक सफलता के दम पर ही एक, दो और तीन लाख करोड़ डॉलर वाली पहली लिस्टेड कंपनी बनी थी।
चेतावनी के सुर भी तेज
हालांकि, इस अभूतपूर्व उछाल के बीच वैश्विक वित्तीय संस्थान सतर्कता की सलाह दे रहे हैं। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने हाल ही में चेतावनी दी है कि एआई के प्रति अत्यधिक उत्साह से टेक शेयरों में अतिमूल्यांकन (Overvaluation) की स्थिति बन सकती है, जो किसी भी समय "गुब्बारे की तरह फूट" सकती है। इसी तरह, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) की प्रमुख ने भी आगाह किया है कि एआई बूम की चमक के पीछे संभावित वित्तीय असंतुलन छिपे हो सकते हैं।
एनवीडिया का मूल्यांकन कई देशों की जीडीपी से बड़ा
बुधवार को एनवीडिया के शेयर शुरुआती कारोबार में 207.86 डॉलर प्रति शेयर तक पहुंच गए। इसके साथ ही कंपनी का बाजार मूल्यांकन बढ़कर 5.05 लाख करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के अनुसार, यह मूल्यांकन भारत, जापान और ब्रिटेन जैसे प्रमुख अर्थतंत्रों के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) से भी अधिक है। एनवीडिया की यह उपलब्धि न केवल टेक जगत के लिए बल्कि वैश्विक पूंजी बाजारों के लिए भी एक नया मील का पत्थर साबित हो रही है।
