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म्यूचुअल फंड ट्रांसफर करना हुआ आसान, जानिए ऑनलाइन प्रक्रिया

Mutual Fund Transfer: नई ऑनलाइन ट्रांसफर सुविधा ने म्यूचुअल फंड निवेश को और अधिक पारदर्शी, आसान और आधुनिक बना दिया है। अब निवेशक अपने MF यूनिट्स ट्रांसफर, गिफ्ट या जॉइंट होल्डर अपडेट आसानी से घर बैठे कर सकते हैं। जैसे आप किसी बैंक अकाउंट में करते हैं।

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म्यूचुअल फंड ट्रांसफर अब हुआ आसान और ऑनलाइन (तस्वीर-istock)

Mutual Fund Transfer : कुछ समय पहले तक म्यूचुअल फंड (MF) में किसी को जॉइंट होल्डर (साझा धारक) बनाना या यूनिट्स ट्रांसफर करना बहुत मुश्किल था। लेकिन मई 2025 से यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और बेहद आसान हो गई है। CAMS (Computer Age Management Services) और KFin Technologies, जो सभी म्यूचुअल फंड्स का बैकएंड संभालते हैं। दोनों मिलकर यह नई सुविधा शुरू की है।

क्या है यह नई सुविधा?

पहले यह ऑनलाइन ट्रांसफर सुविधा केवल खास मामलों में होती थी। जैसे निवेशक की मृत्यु के बाद यूनिट्स को नामांकित व्यक्ति (nominee) को ट्रांसफर करना। लेकिन अब (मई 2025 से) कोई भी व्यक्ति किसी को भी अपने MF यूनिट्स ट्रांसफर कर सकता है, चाहे वह रिश्तेदार हो या न हो। इस सुविधा के तहत आप यूनिट्स गिफ्ट कर सकते हैं, कानूनी वारिस या नॉमिनी को ट्रांसफर कर सकते हैं या फिर जॉइंट होल्डर जोड़ या हटा सकते हैं।

जॉइंट होल्डर जोड़ना या हटाना

CAMS और KFin Tech के पोर्टल पर अब आप जॉइंट होल्डर को ऑनलाइन जोड़ या हटा सकते हैं। ध्यान रहे, किसी नॉमिनी को सीधे जॉइंट होल्डर नहीं बनाया जा सकता। अगर आपका जीवनसाथी नॉमिनी है और आप उसे जॉइंट होल्डर बनाना चाहते हैं, तो पहले नॉमिनी बदलना या हटाना होगा। नॉमिनी बदलने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन, सिर्फ OTP वेरिफिकेशन से हो जाती है। इसके बाद आप तुरंत नया जॉइंट होल्डर जोड़ सकते हैं।

यह सुविधा कैसे काम करती है?

यह पूरी प्रक्रिया केवल ऑनलाइन होती है। CAMS, KFin Technologies या MFCentral (दोनों का संयुक्त प्लेटफॉर्म) के माध्यम से। ट्रांसफर को पूरा होने में अधिकतम 2 कार्य दिवस लगते हैं। सुरक्षा के लिए, ट्रांसफर के बाद 10 दिनों तक यूनिट्स को रिडीम (बेचा) नहीं जा सकता।

NRI निवेशकों के लिए नियम

अगर आप या जिसको यूनिट ट्रांसफर करनी है वह NRI (गैर-निवासी भारतीय) है, तो कुछ शर्तें लागू होती हैं। NRI-NRO अकाउंट वाले यूनिट्स भेज और प्राप्त, दोनों कर सकते हैं। NRI-NRE अकाउंट वाले सिर्फ यूनिट भेज सकते हैं, प्राप्त नहीं कर सकते। यह नियम FEMA (Foreign Exchange Management Act) के अनुसार हैं।

प्रक्रिया के दौरान जरूरी बातें

  • KYC स्टेटस दोनों पक्षों (ट्रांसफर करने वाला और पाने वाला) का KYC Validated होना चाहिए।
  • फोलियो मौजूद होना चाहिए:-जिस फंड हाउस से यूनिट ट्रांसफर हो रही है, वहां प्राप्तकर्ता का फोलियो होना चाहिए। अगर नहीं है, तो ऑनलाइन Zero Balance Folio बनाया जा सकता है।
  • बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन:- ₹1 की पैनी ड्रॉप प्रक्रिया से बैंक अकाउंट की जांच होती है। अगर यह असफल हो जाए, तो आप कैंसिल्ड चेक या स्टेटमेंट अपलोड कर सकते हैं।

किन म्यूचुअल फंड्स में यह लागू नहीं है

यह सुविधा करीब सभी स्कीम्स पर लागू है, लेकिन चिल्ड्रन प्लान और रिटायरमेंट स्कीम्स जैसी सॉल्यूशन-ओरिएंटेड स्कीम्स में यह लागू नहीं है।

क्यों है यह सुविधा खास

पहले म्यूचुअल फंड यूनिट्स का ट्रांसफर बिलकुल संभव नहीं था, न ऑनलाइन और न ही ऑफलाइन। अब यह सुविधा बैंक अकाउंट की तरह लचीलापन देती है। आप अपने निवेश को परिवार या किसी अन्य व्यक्ति के साथ आसानी से साझा कर सकते हैं। हालांकि, कुछ तकनीकी दिक्कतें (जैसे ट्रांसफर फेल होना या धीमी प्रक्रिया) शुरू में रही हैं, लेकिन अब सिस्टम में काफी सुधार हुआ है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है, अगर आपको निवेश करना है तो एक्सपर्ट्स से संपर्क करें।)

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रामानुज सिंह
रामानुज सिंह Author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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