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New Ship Manufacturing Scheme: सरकार नई पोत विनिर्माण योजना पर कर रही है काम, शिपर्याड को मिलेगा प्रोत्साहन

New Ship Manufacturing Scheme: मंत्रालय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ मिलकर बड़े टैंकर के स्वामित्व के लिए काम कर रहा है। दरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय पोत विनिर्माण की नई योजना पर काम कर रहा है। भारत 2030 तक शीर्ष 10 जहाज विनिर्माता देशों में और 2047 तक शीर्ष पांच देशों में शामिल होने की कोशिश करेगा।

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बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग।

Photo : PTI

New Ship Manufacturing Scheme: बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय पोत विनिर्माण की नई योजना पर काम कर रहा है। योजना के तहत विभिन्न उपायों के जरिये भारतीय शिपयार्ड यानी पोत विनिर्माण और मरम्मत वाले क्षेत्र को 2035 तक प्रोत्साहन दिया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग सचिव टी के रामचंद्रन ने कहा कि नई नीति के साथ भारत 2030 तक शीर्ष 10 जहाज विनिर्माता देशों में और 2047 तक शीर्ष पांच देशों में शामिल होने की कोशिश करेगा। फिलहाल भारत इस मामले में दुनिया में 22वें स्थान पर है।

भारतीय शिपयार्ड को प्रोत्साहन दिया जाएगा

उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘...मंत्रालय पोत विनिर्माण की एक नई योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत 2035 तक भारतीय शिपयार्ड को विभिन्न उपायों के जरिये प्रोत्साहन दिया जाएगा।’’ रामचंद्रन ने यह भी कहा कि जिनेवा स्थित वैश्विक क्रूज कंपनी एमएससी क्रूज ने घरेलू यात्रा कार्यक्रम के लिए अपने जहाजों के उपयोग की इच्छा जतायी है।

उन्होंने कहा कि बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ मिलकर बड़े टैंकर के स्वामित्व के लिए काम कर रहा है। इसके तहत शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और पेट्रोलियम विपणन कंपनियों के साथ एक संयुक्त उद्यम बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘स्वामित्व का मॉडल मांग और बाजार की स्थितियों के आधार पर तय किया जाना है।’’

मेथनॉल/अमोनिया/हाइड्रोजन ईंधन सेल आदि जैसे हरित ईंधन का उपयोग होगा

रामचंद्रन ने हरित पोत परिवहन के लिए सरकार की योजना से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मंत्रालय उन जहाजों के लिए 30 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करेगा जहां मेथनॉल/अमोनिया/हाइड्रोजन ईंधन सेल आदि जैसे हरित ईंधन का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंत्रालय पूरी तरह से इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड प्रणाली से युक्त जहाजों के लिए 20 प्रतिशत वित्तीय सहायता भी देगा।

भाषा इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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