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गजब! इस कंपनी ने 101 साल के इतिहास में 1 भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला, CEO ने बताया- अनोखा फॉर्मूला

Torani No Layoffs History: माइक्रोसॉफ्ट द्वारा बड़े पैमाने पर छंटनी और बायआउट की ऑफर के बीच 101 साल पुरानी अमेरिकी कंपनी टोरानी अब तक एक भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला। जानिए आखिर क्यों और कैसे।

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एक तरफ माइक्रोसॉफ्ट की 60,000 कर्मचारियों पर गाज, दूसरी तरफ 101 साल पुरानी कंपनी जहां कभी नहीं हुई छंटनी! (तस्वीर- Torani X)

Torani No Layoffs History : ऐसे समय में जब दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) अपने करीब 60,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जा रही है, तो 101 साल पुरानी एक अमेरिकी कंपनी टोरानी ने पूरी दुनिया के सामने एक मिसाल कायम की है। स्वाद वाले सिरप (Flavoured Syrup) बनाने वाली मशहूर कंपनी 'टोरानी' (Torani) की सीईओ मेलानी डुलबेको (Melanie Dulbecco) का कहना है कि आर्थिक तंगी से निपटने के लिए कर्मचारियों को नौकरी से निकालना ही एकमात्र रास्ता नहीं है। कंपनियां अपने दूसरे गैर जरूरी खर्चों में कटौती करके भी छंटनी से बच सकती हैं।

टोरानी कंपनी की 101 साल पुरानी जर्नी में आज तक एक भी कर्मचारी की छंटनी (Layoff) नहीं की गई है। मेलानी डुलबेको के मुताबिक साल 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान जब अप्रैल महीने में कंपनी की कमाई 20% तक गिर गई थी, तब भी टोरानी ने अपने किसी कर्मचारी को नौकरी से बाहर नहीं निकाला। 'बिजनेस इनसाइडर' से बात करते हुए डुलबेको ने कहा कि कंपनियों के लिए छंटनी करना एक मजबूरी नहीं बल्कि उनकी अपनी पसंद होती है। उनका मानना है कि अगर कोई कंपनी बिल्कुल दिवालिया होने की कगार पर न हो, तो कर्मचारियों को बनाए रखना ही कठिन समय से उबरने में सबसे ज्यादा मदद करता है।

एक तरफ माइक्रोसॉफ्ट की स्वैच्छिक छंटनी योजना, तो दूसरी तरफ टोरानी का भरोसा

एक तरफ जहां टेक सेक्टर में अनिश्चितता का माहौल है, वहीं माइक्रोसॉफ्ट ने अमेरिका, भारत, ब्रिटेन और कनाडा में काम करने वाले कुछ चुनिंदा विभागों (लेवल 70 और उससे नीचे) के कर्मचारियों के लिए 'वॉलंटरी बायआउट' का विकल्प दिया है। इस योजना के तहत एआई अनुभव, कोपायलट, फाइनेंस, एचआर, एक्सबॉक्स और विंडोज जैसी टीमों में काम करने वाले योग्य कर्मचारी अपनी मर्जी से कंपनी छोड़ सकते हैं। कर्मचारियों के पास इस ऑफर को स्वीकार करने के लिए दिसंबर की शुरुआत तक का समय है और कंपनी उन्हें वित्तीय सहायता पैकेज भी दे रही है।

माइक्रोसॉफ्ट द्वारा उठाया गया यह कदम 2026 में की गई उसकी पिछली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और जुलाई 2026 में एक्सबॉक्स गेमिंग बिजनेस में की गई करीब 4,800 नौकरियों की कटौती के बाद सामने आया है। ऐसे माहौल में टोरानी की सीईओ का यह बयान कॉर्पोरेट जगत को एक नई सोच प्रदान करता है। उनका कहना है कि छंटनी केवल एक वित्तीय गणना है जो यह ध्यान नहीं रखती कि संकट से उबरने के लिए पूरी टीम का साथ कितना जरूरी होता है।

कोविड महामारी के दौरान टोरानी ने ऐसे टाली थी कर्मचारियों की छंटनी

साल 2020 में टोरानी भारी वित्तीय दबाव का सामना कर रही थी। कंपनी ने कैलिफोर्निया में एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री बनाने के लिए बड़ा कर्ज लिया ही था कि तभी कोविड-19 महामारी आ गई। महामारी के कारण कॉफी शॉप्स और ड्रिंक आउटलेट्स बंद हो गए, जिससे टोरानी के सिरप की मांग अचानक घट गई।

इस गंभीर संकट से निपटने के लिए कंपनी ने कर्मचारियों को निकालने या उनकी सैलरी काटने के बजाय अपनी रणनीति बदली। उन्होंने मार्केटिंग और विज्ञापन खर्चों में भारी कटौती की, बिजनेस यात्राओं पर रोक लगाई और सभी विभागों को गैर-जरूरी खर्च कम करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, कंपनी ने कॉफी शॉप्स से हुए नुकसान की भरपाई के लिए अपने ऑनलाइन रिटेल और किराना स्टोर के जरिये बिक्री बढ़ाई। नतीजा यह रहा कि अप्रैल 2020 में 20% की गिरावट के बाद मई में ही बिक्री में सुधार हुआ और पूरे साल का राजस्व पिछले साल की तुलना में 15% बढ़ गया।

कर्मचारियों के प्रति अनोखी निष्ठा: नई फैक्ट्री के लिए मैप किए कर्मचारियों के घर

टोरानी की कर्मचारी-केंद्रित नीतियों का सबसे बड़ा उदाहरण 2020 में देखने को मिला, जब कंपनी ने अपने नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को सैन लिएंड्रो (San Leandro) में शिफ्ट करने का फैसला किया। इस नए स्थान को चुनने से पहले कंपनी ने अपने सभी कर्मचारियों के घरों के पिन कोड (ZIP Codes) को मैप किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नई जगह किसी भी कर्मचारी के घर से बहुत दूर न हो और उन्हें आने-जाने में परेशानी न हो। कंपनी का लक्ष्य अपने 100 प्रतिशत कर्मचारियों को रोके रखना था। टोरानी न केवल अपने सभी पुराने कर्मचारियों को बनाए रखने में सफल रही, बल्कि महामारी के उस कठिन दौर में भी कंपनी ने 40 नए कर्मचारियों की भर्ती की।

एआई (AI) और ऑटोमेशन का इस्तेमाल, लेकिन बिना किसी डर के

आज के समय में जब कई कंपनियां एआई और ऑटोमेशन के नाम पर नौकरियां खत्म कर रही हैं, टोरानी का नजरिया यहां भी अलग है। डुलबेको ने बताया कि उनकी कंपनी बाजार अनुसंधान (Market Research), बिक्री पूर्वानुमान (Sales Forecasting) और मांग योजना (Demand Planning) के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करती है। ऑटोमेशन की वजह से कंपनी को नए कर्मचारियों की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन इसका असर मौजूदा कर्मचारियों पर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को एआई से डरने की जरुरत नहीं होती क्योंकि वे कंपनी पर भरोसा करते हैं। कंपनी तकनीक का इस्तेमाल कर्मचारियों के काम को आसान और बेहतर बनाने के लिए करती है, न कि उनके अवसर छीनने के लिए।

ईटी रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर 2026 में 'फॉर्च्यून' को दिए एक इंटरव्यू में डुलबेको ने बताया था कि टोरानी ने पिछले 35 वर्षों में औसतन 20% की सालाना राजस्व वृद्धि दर दर्ज की है और 2026 में कंपनी का राजस्व $800 मिलियन (करीब 80 करोड़ डॉलर) से अधिक होने की उम्मीद है। टोरानी का यह सफर साबित करता है कि कर्मचारियों की देखभाल करते हुए भी कोई कंपनी नई तकनीक अपना सकती है और बिजनेस में अपार सफलता हासिल कर सकती है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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