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New EV policy: आ गई छूट वाली नई ईवी पॉलिसी, इतने रुपये के वाहन पर मिलेगा डिस्काउंट, जानिए नई नीति की खास बातें

New EV policy: सड़कें अब सिर्फ धूल उड़ाने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य को रफ्तार देने के लिए बन रही हैं। पेट्रोल और डीज़ल के दौर से आगे निकलते हुए, भारत अब बैटरी से चलने वाले सपनों की दिशा में दौड़ लगा रहा है। मोदी सरकार की नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति न सिर्फ भारत को एक ग्लोबल EV मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी है, बल्कि निवेश, तकनीक और नवाचार के नए रास्ते भी खोल रही है। इस नीति के ज़रिए सरकार ने देश को “मेक इन इंडिया” से “ईवी इन इंडिया” की नई यात्रा पर रवाना कर दिया है – और ये यात्रा होगी हरित, तेज़ और टिकाऊ!

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जानिए नई नीति की प्रमुख बातें।

New EV policy: मोदी सरकार ने देश को इलेक्ट्रिक वाहन (EV) विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के उद्देश्य से नई ईवी नीति को अंतिम रूप दे दिया है। यह नीति निवेश को आकर्षित करने, उत्पादन को बढ़ावा देने और "मेक इन इंडिया" को मजबूत करने पर केंद्रित है। यह नीति कंपनियों के लिए है। यहां हम आपको नई ईवी पॉलिसी की मुख्य बातें बता रहे हैं...

नई ईवी नीति की मुख्य बातें

निवेश को मिलेगा बढ़ावा

नई नीति का मुख्य उद्देश्य EV मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश को आकर्षित करना है।

आयात शुल्क में बड़ी छूट

EV कंपनियां यदि भारत में $486 मिलियन (लगभग ₹4,000 करोड़) का निवेश करती हैं, तो वे $35,000 ( करीब 29.87 लाख रुपये) या अधिक कीमत वाली EVs को 15% की रियायती दर पर आयात कर सकती हैं। यह रियायत 5 सालों के लिए मान्य होगी।

उत्पादन समयसीमा

कंपनियों को नीति के तहत मंजूरी मिलने के तीन वर्षों के भीतर उत्पादन शुरू करना अनिवार्य होगा।

आवेदन की अंतिम तिथि

इच्छुक कंपनियां 15 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकती हैं।

भूमि लागत शामिल नहीं

$486 मिलियन (करीब 4,146.22 करोड़ रुपये) के निवेश में भूमि की लागत शामिल नहीं होगी।

स्थानीयकरण लक्ष्य (Localization Targets)

नीति के अनुसार, कंपनियों को 3 वर्षों में 25% स्थानीय उत्पादन प्राप्त करना होगा। 5 वर्षों में इसे बढ़ाकर 50% स्थानीय उत्पादन तक पहुंचाना होगा। इससे "Make in India" पहल को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

कौन दिखा रहा है रुचि?

ईटी नाउ के सूत्रों के मुताबिक, Mercedes-Benz, Skoda, Hyundai, Kia जैसी ऑटो कंपनियों ने इस योजना में निवेश करने में रुचि दिखाई है। यह नई नीति भारत में ईवी अपनाने की रफ्तार तेज करने, स्थानीय निर्माण आधार मजबूत करने, और भारत को वैश्विक ईवी उत्पादन केंद्र बनाने के लिए बनाई गई है।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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